दमोह नगरपालिका ने फर्जी हितग्राहियों को जारी किये ढ़ाई-ढ़ाई लाख रुपयों की राशि, मामला उजागर होने पर अब नोटिस देकर की जा रही है राशि की वापसी की बात | New India Times

इम्तियाज़ चिश्ती, ब्यूरो चीफ, दमोह (मप्र), NIT:

दमोह नगरपालिका ने फर्जी हितग्राहियों को जारी किये ढ़ाई-ढ़ाई लाख रुपयों की राशि, मामला उजागर होने पर अब नोटिस देकर की जा रही है राशि की वापसी की बात | New India Times

एक बार फिर नगरपालिका परिषद दमोह प्रधानमंत्री आवास योजना लो लेकर सवालों के घेरे में है। इस बार अधिकारियों की मिली भगत का मामला उजागर हुआ है।

दमोह नगरपालिका ने फर्जी हितग्राहियों को जारी किये ढ़ाई-ढ़ाई लाख रुपयों की राशि, मामला उजागर होने पर अब नोटिस देकर की जा रही है राशि की वापसी की बात | New India Times

आवास योजना की राशि कुटीर रसूदारों को दे दी गई। जब मामला मीडिया ने उठाया तब मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा अब गलत तरीके से जारी हुई कुटीर की ढाई लाख की राशि फर्जी हितग्राही से वापस लेने एवं उसे नोटिश जारी करने की बात कही जा रही है। अब जो मामला सामने आया है वह दमोह नगर के फुटेरा वार्ड 5 का है जहाँ जिनके पक्के मकान थे उन्हेंअधिकारियों की मिलीभगत से कुटीर और आवास योजना का हक़दार बना दिया गया और जो असल पात्र थे उन्हें अपात्र की श्रेणी में रखा गया जो आज भी नगरपालिका के चक्कर लगा रहे हैं। वार्ड पार्षद शादाब खान ने भी स्वीकार कर ही लिया कि गलती तो हुई है लेकिन हमने नहीं बल्कि अधिकारियों ने ये सारा खेल खेला है। इस संबंध में हमारे संवाददाता इम्तियाज़ चिश्ती ने  दमोह में इस योजना के मास्टरमाइंड नगरपालिका के जिम्मेदार सीएमओ कपिल खरे जो कई वर्षों से दमोह में अंगद की तरह जमे बैठे हैं उनसे इस मामले का जबाब माँगा तो जनाब बगलें झाँकने लगे और आखिर उन्हें भी बोलना पड़ा कि हम ऐसे मकान मालिक के ख़िलास नोटिस देकर उनसे राशि वापस करायेंगे।

दमोह नगरपालिका ने फर्जी हितग्राहियों को जारी किये ढ़ाई-ढ़ाई लाख रुपयों की राशि, मामला उजागर होने पर अब नोटिस देकर की जा रही है राशि की वापसी की बात | New India Times

दमोह नगरपालिका ने प्रधानमंत्री आवास योजना का ऐसा मज़ाक बनाया की इस बारिश में सबकी कलई खुल गई जिन्हें नगरपालिका ने अपने सर्वे में कच्चा मकान बताया था वो इस बारिश में भी वर्षों से पक्के बने हुए है जो आज भी खड़े है और जिन्हें पक्का बताया था आज वो कच्चे मिट्टी के मकान ताश के पत्तों की तरह झड़ रहे हैं लेकिन इन मकान का नंबर आज भी नहीं आया। फुटेरा वार्ड की महिलाओं ने साफ तौर पर कहा कि पक्के मकानों को आवास योजना का लाभ और कुटीर दे दी गई लेकिन हम लोग जो कच्चे पॉलीथिन से अपने घरों को ढांके हुए हैं लेकिन हम लोगों को इस योजना का कोई लाभ नहीं मिला जबकि आवेदन किये तीन साल पूरे हो चुके हैं।


Discover more from New India Times

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

By nit

This website uses cookies. By continuing to use this site, you accept our use of cookies. 

Discover more from New India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading