साबिर खान, मथुरा/लखनऊ (यूपी), NIT:

स्टेट जोनल कोऑर्डिनेटर चौधरी मानवेंद्र पांडव ने अवगत कराया कि आज राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम जिला अधिकारी की अनुपस्थिति में सक्षम अधिकारी को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि मनरेगा में दिए जाने वाले श्रमिकों को 100 दिन के स्थान पर साल में 200 दिन काम दिया जाए। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण लॉक डाउन के चलते देश के विभिन्न भागों से जो प्रवासी अपने गांव में आए हैं और उनके पास कोई काम नहीं है, आजीविका का साधन नहीं हैं, उनको ग्राम पंचायतों के माध्यम से मनरेगा के तहत उनका अविलंब आवेदन करा करके उनके जॉब कार्ड बनवा करके 5 किलोमीटर के एरिया में 15 दिन के अंतर्गत कार्य दिया जाए और उनको दी जाने वाली मनरेगा कानून के तहत वह सभी सुविधाएं दी जाएं जो कानून में अंकित हैं।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि जिन ग्राम पंचायतों के अंदर मनरेगा को ठीक प्रकार से लागू नहीं किया जा रहा है उन ग्राम पंचायतों के अंदर मनरेगा को ठीक प्रकार से लागू करने के लिए ग्राम प्रधानों को निर्देश दिए जाएं और जिन ग्राम पंचायतों के अंदर भारी अनियमितताओं की शिकायतें आ रही हैं उन शिकायतों को अविलंब दूर किया जाए और जो दोषी हो उनकी तुरंत जांच करा कर दंडित किया जाये।
ज्ञापन देने वालों में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के स्टेट जोनल कोऑर्डिनेटर चौधरी मानवेंद्र पांडव, वरिष्ठ नेता रुस्तम सिंह लोधी, रविंद्र कुमार मिश्रा भोला सिंह लोधी, क्षेत्र पंचायत सदस्य यदुराज सिंह पांडव, मोहम्मद रईस, एमपी सिंह, चौधरी शिवराज आदि मौजूद रहे।
