रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

कोरोना संकट अभी समाप्त नहीं हुआ है, लॉक डाउन 3 के बाद भी भविष्य अभी अनिश्चित है…स्कूलें वापस कब खुलेंगी कहा नहीं जा सकता और अभी किसी नतीज़े पर पहुंचना जल्दी वबाजी होगी। इसी बीच पेटलावद विधायक ने निजी अस्पतालों एवं स्कूलों में फीस माफी को लेकर आवाज बुलंद की है।
विधायक वालसिंह मेडा ने कोविड-19 महामारी के बीच जूझ रहे कई मध्यम वर्गीय और गरीब तबके के परिवार की चिंता करते हुए जिले के समस्त निजी स्कूलों व अस्पतालों से फीस माफी की बात कही है।
उन्होंने इस बात को लेकर प्रदेश के मुखिया को एक पत्र लिखने की भी बात कही है जिसमें जिले के कई मध्यमवर्गीय परिवार अपने बच्चे को अच्छी शिक्षा देने के लिए निजी स्कूलों में अध्ययन करवाते हैं। ऐसे में निजी स्कूलों की फीस के बोझ से हर कोई परेशान हो सकता है।
कोविड-19 की महामारी और ऐसे हर घर का बजट के आर्थिक स्थिति से कई परिवार जूझ रहे है। लॉक डाउन के चलते कई परिवार पूर्व की गंभीर बीमारियों से भी जूझ रहे हैं।
विधायक ने कहा है कि निजी चिकित्सालय में भी सरकार द्वारा मुफ्त में इलाज करने की सुविधाएं दी जाए ऐसे में यदि निजी स्कूल और हॉस्पिटल से फीस माफी की जाती है तो झाबुआ जिले के रहवासियों के लिए यह बड़ी सौगात होगी। विधायक वालसिंह मेडा लगातार असहाय लोगों के लिए आवाज उठाते आए हैं व असहायों के सुख दुख में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं। अब ऐसी विकट स्थिति में उन्होंने एक बार फिर से असहाय परिवारों के लिए आवाज उठाई है.,,,सभी निजी प्राइवेट अस्पताल एवं स्कूलों से फीस माफी सरकार द्वारा की जाए साथ ही अन्य राज्यों से झाबुआ जिले अपने घर वापसी कर रहे मजदूरों से अपील भी की है की मजदूर जैसे ही अपने क्षेत्र में प्रवेश करते हैं स्थानीय प्रशासन को उसकी सूचना जरूर दें ताकि उनका स्वास्थ्य परीक्षण समय पर हो सके।
