अधिवक्ताओ ने लहरपुर तहसील परिसर में अपनी मांगों को लेकर लाल पट्टी बांधकर व प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन | New India Times

हाशिम अंसारी, ब्यूरो चीफ, सीतापुर (यूपी), NIT:

अधिवक्ताओ ने लहरपुर तहसील परिसर में अपनी मांगों को लेकर लाल पट्टी बांधकर व प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन | New India Times

बार एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष प्रमोद बाजपेयी एडवोकेट, महामंत्री श्रवण जयसवाल के नेतृत्व में आज अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में लाल पट्टी बांधकर अपनी मांगों के समर्थन में उग्र प्रदर्शन किया। इस मौके पर अधिवक्ता हित की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की बैठक में अधिवक्ता हित के विभिन्न मुद्दों और अधिवक्ताओं की विभिन्न समस्याओं पर विचार विमर्श करने के उपरांत बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश के समस्त अध्यक्ष व मंत्रियों को निम्न मांगों के साथ ज्ञापन दिए जाने का निर्देश दिये थे, जिसके तहत बार एसोसिएशन द्वारा मुख्यमंत्री से निम्न लिखित सामस्याओ का समाधान किये जाने का अनुरोध करते हुए मांग पत्र उप जिला अधिकारी राम दरस राम को दिया।

1. उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा पूर्व से अधिवक्ता हित के लिये जो योजनाएं चलाई जा रही थीं उन योजनाओं में सरकार की ओर से उदासीनता दिखाई जा रही है, पूर्व सरकारें 40 करोड़ रूपये प्रति वर्ष, बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को देती थी, जिससे उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी सामिति से प्रत्येक मृतक अधिवक्ता के परिजनों को डेढ़ लाख रुपये प्रदान किये जाते थे, वर्तमान सरकार ने उक्त धनराशि बढ़ाकर 5 लाख देने की बात कही थी, किंतु पूर्व में दिए जा रहे 40 करोड़ रुपये भी सरकार द्वारा नहीं दिये जा रहे हैं।

2. सरकार के द्वारा नए अधिवक्ताओं को लाइब्रेरी के लिये 5000 प्रति वर्ष देने की घोषणा की गई थी किन्तु आज तक एक भी पैसा अधिवक्ताओं को नहीं दिया गया है और न ही धन उपलब्ध कराया गया है जिस कारण सरकार के समस्त दावे समस्त आश्वासन पूण रूप से फेल हो गए हैं। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि नए अधिवक्ताओं को लाइब्रेरी बनाने हेतू आपके द्वारा घोषित 5000 प्रति वर्ष प्रत्येक नये अधिवक्ता को तत्काल प्राप्त कराए जाएं व जिससे नए अधिवक्ता अपनी लाइब्रेरी बना सकें और विधि व्यवसाय में निपुणता प्राप्त कर सकें।

3. अन्य प्रदेशों की तरह ही अधिवक्ता प्रोटक्शन ऐक्ट उत्तर प्रदेश में भी तत्काल लागू किया जाये।

4. अधिवक्ताओं को न्यायालय परिसर में प्रवेश हेतु सिओपी कार्ड को वरीयता दी जाए।

5. जनपद न्यायाधीश द्वारा बनाए जा रहे प्रवेश हेतू कार्ड के साथ सिओपी कार्ड भी प्रत्येक न्यायालय परिसर में प्रवेश हेतु स्वीकार करते हुए प्रत्येक अधिवक्ता को सुगमता से प्रवेश दिया जावे।

ज्ञापन देने वालों में वरिष्ठ अधिवक्ता जवाहर लाल मिश्रा, श्याम नारायण मिश्रा, एलएन बाजपेई, जेड आर रहमानी, श्रवण जयसवाल, प्रशांत मिश्रा, उमाशंकर वर्मा, देवेंद्र पांडे, हरिनाम सिंह, सरदार बूटा सिंह, बाल कृष्ण वर्मा, जितेंद्र सिंह, श्रीमती हिमांशु, कमलेश वर्मा, राम नरेश वर्मा सहित भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.