रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

होली आते ही भगोरिया पर्व की जिले में झलक नजर आने लग जाती है और परंपरागत त्योहार भी अब आधुनिक परिवेश में नजर आने लगा है। जिले में जहां भी साप्ताहिक हाट बाजार भराये जाते हैं वहां यह त्यौहार मनाया जाता है।

शनिवार को मेघनगर में भगोरिया पर्व की धूम रही। इस पर्व को लेकर आस पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आदिवासियों ने शिरकत की। सुबह से ही ग्रामीणों की टोलियां नगर में जीप, मैजिक, ट्रैक्टर एवं अन्य वाहनों से आना शुरू हो गई थी लेकिन दोपहर बाद ढोल मांदल की थाप व थाली की खनखनाहट पर युवक-युवतियों की टोली भी अपनी मस्ती में मस्त होकर भगोरिया में घूम रही थी। युवक पान की दुकानों पर तो युवतियां श्रंगार सामग्री की दुकानों एवं बच्चे खिलौनों की दुकानों पर खरीदारी कर रहे थे।
झूले चकरी और कुल्फी का भी उठा रहे थे लुत्फ, हावी रहा फैशन

हाथों में मोबाइल मुंह में पान व कुल्फी युवक जींस टी शर्ट तो युवतियां भी साड़ियों में सजी धजी चांदी के जेवरों से लदी हुई होठों पर लाली किये पान पाउच चबातें दिखीं। पुरानी परंपरा धोती, लुगडा, लहंगा आदि तो आउट ऑफ फैशन हो गया। ग्रामीण अंचल से भगोरिये में आए हुए लोग 3:30 बजे पर ही अपने घर की ओर लौटने लग गये थे।
