बीएसपी सांसद के भाई का पत्रकार के साथ बदतमीजी करते हुए वीडियो हुआ वायरल | New India Times

गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकरनगर (यूपी), NIT:

बीएसपी सांसद के भाई का पत्रकार के साथ बदतमीजी करते हुए वीडियो हुआ वायरल | New India Times

सांसद के भाई के बिगड़े बोल, कहा डीएम एसपी को मैं कुछ नहीं समझता डीएम-एसपी हमारे बनाए हुए हैं, तुम्हारे जैसे 365 पत्रकारों को काम देता हूं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद श्रावस्ती के बीएसपी सांसद राम शिरोमणि वर्मा के भाई की जमकर छीछालेदर हो रही है। जनप्रतिनिधि के रिश्तेदार अपनी गरिमा को भूल जायें तो उनको भी हकीकत का आईना दिखाना जरूरी होता है। श्रावस्ती सासंद राम शिरोमणि वर्मा के भाई की दबंगई का एक मामला सामने आया है।
मिली जानकारी के मुताबिक पत्रकार अंशुमलि कांत चतुर्वेदी श्रावस्ती सासंद राम शिरोमणि वर्मा के भाई सुरेश वर्मा को कॉल करके उनकी गुटखा फैक्ट्री की गुणवत्ता देखने की इच्छा जाहिर करते हैं जिस पर सुरेश वर्मा की त्यौरियां चढ़ जाती हैं और गुस्से से लाल पीले श्री वर्मा आनन फानन में पत्रकार की लोकेशन लेकर पत्रकार से मिलने पहुंच जाते हैं।

बीएसपी सांसद के भाई का पत्रकार के साथ बदतमीजी करते हुए वीडियो हुआ वायरल | New India Times

उसके बाद सुरेश वर्मा की दबंगई का असली चेहरा सामने आता है जो आपने शायद पहले कभी देखा होगा। सासंद राम शिरोमणि वर्मा का भाई जिला सूचना अधिकारी की तरह पत्रकार से उसके पत्रकार होने के प्रमाण मांगते हैं और पत्रकार को धमकाते हुए कहता है कि सबसे ज्यादा टैक्स देता हूं सरकार को, पत्रकार को बेतहाशा धमकाते हैं। व्यापारी की भाषा शैली से लग रहा था जैसे वो व्यापारी न होकर किसी रियासत के महाराजा हों क्योंकि डीएम एसपी के लिए जिस भाषा का इस्तेमाल किया वो व्यापारी को कतई शोभा नहीं देता। सांसद का पद जनता की दी गई भीख होता है और सांसद बनने के लिए किसी पढ़ाई की आवश्यकता नही होती बल्कि वोटों की भीख मांगने की बेहतरीन कला आनी चाहिए। जनता के मतदान से सांसद बने सासंद राम शिरोमणि वर्मा के भाई अपने भाई के पद के अहंकार में भूल हैं कि पांच वर्ष बाद वो दोबारा सांसद बनेंगे इसकी कोई गारंटी नहीं है लेकिन डीएम एसपी अपने निर्धारित समय तक सेवा काल में रहेंगे और पत्रकार आजीवन पत्रकारिता करता है। सुरेश वर्मा जैसे व्यापारियों की बखिया उधेड़ सकते हैं सुरेश बर्मा को बखूबी पता होना चाहिए कि उसी गुटके की फैक्ट्री में कई बार छापेमारी हुई जो कि पहले बाबा गुटका नाम से चलता था। हां उन्होंने यह बात सही कही है कि सबसे ज्यादा टैक्स देता हूं। नोटबंदी के दौरान उन्होंने करोड़ों रुपए टैक्स भर कर अपने काले धन को वाइट मनी में बदला।
पत्रकार अंशुमलि कांत चतुर्वेदी को BSP के श्रावस्ती सांसद राम शिरोमणि वर्मा के भाई की गुटखा फैक्ट्री में कुछ गलत होने की आशंका थी तो वह सूत्रों से पुख्ता जानकारी और सुबूत एकत्रित करते और डंके की चोट पर पर्दाफाश करते लेकिन पत्रकार ने फैक्ट्री की गुणवत्ता का जायजा लेने की सुरेश वर्मा से इच्छा जाहिर की जो सुरेश वर्मा को इतना नागवार गुजरा कि पत्रकार को इतना जलील कर दिया जिसकी शब्दों में आलोचना करना मुमकिन नहीं है।

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