मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
जुन्नारदेव क्षेत्र के ग्राम पंचायत एकलामसानी में आज़ादी के दशकों बाद भी पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की सड़क आज भी उबड़-खाबड़ और खतरनाक बनी हुई है, जिसके कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के एक ओर गहरी खाई है तो दूसरी ओर संकरी पगडंडियां हैं, जिससे आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। खासकर बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। कीचड़ और फिसलन के कारण लोग घरों में ही कैद होकर रह जाते हैं। इसका सबसे अधिक असर स्कूली विद्यार्थियों और जरूरतमंद लोगों पर पड़ता है, जो समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते।

सड़क सुविधा के अभाव में गांव तक कई मूलभूत सुविधाएं भी नहीं पहुंच पा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर चुनाव में जनप्रतिनिधि सड़क निर्माण के वादे करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद ये वादे खोखले साबित होते हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि उन्हें सुरक्षित आवागमन और मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस समस्या पर संज्ञान लेते हैं या फिर एकलामसानी के ग्रामीणों के लिए सड़क महज एक सपना बनकर रह जाएगी।

