गरीबों के कंधों का सहारा लेकर भूमाफिया कब्जे की जमीनों को बचने का कर रहे हैं प्रयास, पीडब्ल्यूडी की जमीन भी है अतिक्रमणकारियों के कब्जे में | New India Times

रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:गरीबों के कंधों का सहारा लेकर भूमाफिया कब्जे की जमीनों को बचने का कर रहे हैं प्रयास, पीडब्ल्यूडी की जमीन भी है अतिक्रमणकारियों के कब्जे में | New India Times

मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र होने के साथ-साथ झाबुआ जिले का प्रमुख रेलवे स्टेशन भी है और यह बात किसी से छुपी नहीं है कि यहां पर पग-पग पर अतिक्रमण हैं..चाहे वह अतिक्रमण राजनीतिक तिकड़म या प्रशासनिक भ्रष्ट अधिकारियों को चांदी के जूते मार कर व लालच देकर किया गए हों लेकिन पुराने बुजर्ग और भू राजस्व एवं नगर परिषद के पुराने रिकॉर्ड खुद बयां कर रहे हैं के 90% अतिक्रमण सरकारी जमीन पर नगर में हैं। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार युद्ध स्तर पर रेत माफिया एवं अब भू माफियाओं पर इंटीमेशन क्लीन अभियान पूरे मध्यप्रदेश में चल रहा है। गरीबों के कंधों का सहारा लेकर भूमाफिया कब्जे की जमीनों को बचने का कर रहे हैं प्रयास, पीडब्ल्यूडी की जमीन भी है अतिक्रमणकारियों के कब्जे में | New India Times

झाबुआ जिला कलेक्टर प्रबल सिपाहा के नेतृत्व में कई प्रमुख शहरों में कार्रवाई हो चुकी है ओर हो भी रही है लेकिन सिर्फ मेघनगर के भू माफियाओं पर नकेल डालना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित होता नजर आ रहा है
क्योंकि यहां पर दलाली भांजगड़ी ओर राजनीतिक प्रथा जोरों पर है। कुछ लोग तो यह भी कहते हैं कि मेघनगर की राजनीति भोपाल से नहीं दिल्ली से चलती है।
इसीलिए शायद यहां के भू माफिया भोपाली आदेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

झाबुआ जिले के संपूर्ण छोटे-बड़े शहरों में अतिक्रमण मुहिम चली और लगभग पूर्ण होते हुए भी नजर आ रही है
लेकिन जिले का एक मात्र शहर मेघनगर है जहां पर अतिक्रमण के नाम पर चूहा बिल्ली का खेल जारी है।
यहां पर सच पर पर्दा डालकर कई भूमाफिया अपने आप को पाक साफ साबित करते हुए करोड़ों की सरकारी जमीनों पर हमेशा काबिज रहने के लिए गरीबों के कंधों का सहारा लेकर अतिक्रमण के विरोध में धरना प्रदर्शन एवं विधायक जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ एसडीएम ऑफिस के सामने आंदोलन के लिए उकसाने का पर्दे के पीछे से खेल – खेल रहे हैं लेकिन ये भु माफिया अपने मंसूबों में सफल नहीं हो पा रहे है क्योंकि मध्य प्रदेश वल्लभ भवन से राजस्व सचिव व आयुक्त कमिश्नर का साफ निर्देशों है की किसी भी प्रकार की कोताही मिशन क्लीन अभियान में नहीं बरती जाए। सम्पूर्ण मध्य्प्रदेश के साथ झाबुआ जिले में बड़ी कार्रवाही साफ देखी जा सकती है।
बात यदि मेघनगर की जाए तो नगर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पटवारी गिरधावर आर आई का 25 सदस्यीय दल गठित कर संभागीय आयुक्त के एक पत्र में दिनांक 27 तारीख को राजस्व रिकॉर्ड के हिसाब से रिपोर्ट पेश कर अतिक्रमण की जगहों को चिन्हित करना है।
वहीं पूर्व में नगर के एसडीएम, तहसीलदार, सीएमओ और मेघनगर थाना प्रभारी ने संयुक्त रूप से बैठक करके 100 से अधिक बड़े स्ट्रक्चर को ढहाने की प्लानिंग बना ली है
जो कि नगर के भू माफियाओं का सिर दर्द बना हुआ है।
अब निश्चित ही 28 /29 तारीख को मेघनगर में अतिक्रमण मुहिम प्रारंभ कर दी जाएगी।
जिन जगहों को चिन्हित किया गया है उनके रिकॉर्ड भी समस्त कार्यालयों में मंगवा लिए गए हैं जिसके पास रिकॉर्ड नहीं उनके अतिक्रमण स्ट्रक्चर ढहा दिए जाएंगे। चाहे फिर वह लीज की जमीन में बिना अनुमति के पक्का निर्माण हो या फिर सरकारी जमीनों पर अवैध अतिक्रमण किसी को भी मिशन क्लीन ऑपरेशन में बख्शा नहीं जाएगा।

आदर्श रोड में फंसा पेज, पार्षदों ने बुलाई आपात बैठक

गरीबों के कंधों का सहारा लेकर भूमाफिया कब्जे की जमीनों को बचने का कर रहे हैं प्रयास, पीडब्ल्यूडी की जमीन भी है अतिक्रमणकारियों के कब्जे में | New India Times

नगर में अतिक्रमण के हो हल्ले के बीच आदर्श रोड का पेंच फंस गया है। जानकारी के मुताबिक पूर्व में हुए नगर परिषद के आदर्श रोड के टेंडर के हिसाब से रेलवे स्टेशन से लगाकर झाबुआ चौराहा के मध्य सुपर आदर्श रोड व अन्य जगह नवीन आदर्श सड़क का निर्माण होना है। स्टेशन से लेकर सदर बाजार झाबुआ चौराहा तक वाले रोड के कई मापदंड तय हैं उसमें टू वे रोड के हिसाब से बीच सेंटर में स्ट्रीट लाइट एवं सुंदर पौधा नर्सरी व मध्य सड़क के 22 फीट की दूरी पर नगर परिषद द्वारा लाइन डाली गई एवं चिन्हित करके उन्हें पक्का ओटला एवं दुकान तोड़ने के नोटिस के परिषद द्वारा 2 दिन पूर्व दे दिया गया है और मुनादी भी करा दी गई है लेकिन वास्तव में यह 22 फीट नहीं 26 फीट की दूरी है जिसमें 4 फीट की रियायत परिषद द्वारा पूर्व में दी जा चुकी है।
इस सुपर आदर्श रोड सड़क के मध्य से लगाकर रोड की दोनों साइड की दूरी को अब और भी कम करने के लिए नगर के कुछ व्यापारी एवं जनप्रतिनिधि विधायक से भी मिल चुके हैं एवं कलेक्टर से भी गुहार लगा चुके हैं। विधायक ने तो कह दिया कि हम सब देख लेंगे लेकिन हमारे सूत्रों के हिसाब से कुछ लोग अतिक्रमण कार्रवाई रुकवाने के लिए कलेक्टर के पास भी पहुंचे थे जहां उन्हें कहा गया है कि आप मुख्यमंत्री से मुझे आदेश करवा दें अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोक दी जाएगी।
अब जब बात नहीं बनी तो सभी पार्षदों ने बुधवार को नगर परिषद में एकत्रित होकर आदर्श रोड पर विचार विमर्श किए एवं ओटला व नालियों के ऊपर बने अतिक्रमण को तोड़ा जाएगा इस पर मोहर लगा दी ऐसा हमारे सूत्र बताते हैं। अब एक शानदार आदर्श रोड बने ऐसी मंशा जन प्रतिनिधियों की भी है।
सूर्य ग्रहण के बाद मेघनगर का नया सवेरा क्या होगा अब यह तो शासन प्रशासन की मिशन क्लीन मुहिम ही आने वाले 5 दिन में तय करेगी।

By nit

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