पंकज शर्मा, ब्यूरो चीफ, धार (मप्र), NIT:

प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा की जा रही लगातार वादाखिलाफी एवं दिन पर दिन बदतर होती जा रही लचर व्यवस्था के विरुद्ध धार जिला युवा मोर्चा द्वारा 19 दिसंबर को जिला मुख्यालय स्थित अभिव्यक्ति स्थल पर धरना देकर आक्रोश स्वरूप सरकार विरोधी नारे लगाते हुए रैली त्रिमूर्ति नगर चौराहे तक निकाली। राज्यपाल के नाम सौंपे गए ज्ञापन में युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष सन्नी रीन ने कहा कि कांग्रेस की प्रदेश सरकार जब से सत्तासीन हुई है लगातार वादाखिलाफी कर रही है। बेरोजगार युवाओं को 4000 रुपये बेरोजगारी भत्ता की बात करने वाली कांग्रेस सरकार आज युवाओं का मजाक उड़ाते हुए बैंड बाजे और गाए चराने की ट्रेनिंग देने की बात कर रही है। ऐसे बेतुके निर्णय कर सरकार ने रोजगार की बात तो दूर है, इसके विरुद्ध प्रदेश युवाओं का मजाक बनाया है साथ ही प्रतिभावान युवाओं के लिए भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न युवा कल्याणकारी योजनाएं मेधावी विद्यार्थी योजना के तहत 70% से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की फीस सरकार द्वारा भरने व प्रतिभावान विद्यार्थियों को लैपटॉप मोबाइल वितरण करने, आवास भत्ता बंद कर युवाओं को छलने का काम किया है। आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभावान युवाओं को सरकार द्वारा दिए जा रहे लाभ और अवसर पर भी कांग्रेस अंकुश लगा रही है। आपने कहा कि ना सिर्फ युवाओं के साथ बल्कि प्रदेश के हर वर्ग के साथ लगातार अन्याय के काम में लिप्त कांग्रेस सरकार को नींद से जगाने का हर संभव कार्य युवा मोर्चा मध्यप्रदेश का कार्यकर्ता करेगा और युवाओं की हक की आवाज उठाने के लिए तथा उनको पर्याप्त अधिकार दिलाने के लिए आज युवा सड़कों पर उतरा है युवाओं की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धरना स्थल पर विरोध स्वरूप बकरियां चराने के लिए बांधी गई थी वही ताशे बजाते हुए भी युवा मोर्चा कार्यकर्ता नजर आए।
इस अवसर पर वरिष्ठ नेता ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, राजीव यादव, कालीचरण सोनवानियां, कमल यादव, जयदीप पटेल, विश्वास पांडे, विपिन राठौर, रवि मेहता,मनोज ठाकुर, जितेंद्र जाट, नजमू बोहरा, प्रशांत शर्मा, लखन नवासा, बबलू गोड़, विनोद चौधरी, कपिल यादव,कपिल चौधरी, भेरूलाल धारवाल,संजय सोनी, राजेश मुवेल, अशोक पटेल, देवेंद्र रावल, गोल्डी चौहान, सतीश चौधरी, मदन चोयल, आजाद पटेल, देवीलाल, गोवर्धन,राहुल राठौर, अंकित भावसार, बद्री पटेल, नितेश अग्रवाल, सौरभ त्रिपाठी आदि कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
