मासुम बच्चों के साथ दुष्कर्म करने वाले शासकीय निरीक्षण गृह/बालसुधार गृह कर्मी को अदालत ने सुनाई पांच वर्ष की सजा व लगाया 60 हजार रुपये जुर्माना | New India Times

अमीन शाह, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT:

मासुम बच्चों के साथ दुष्कर्म करने वाले शासकीय निरीक्षण गृह/बालसुधार गृह कर्मी को अदालत ने सुनाई पांच वर्ष की सजा व लगाया 60 हजार रुपये जुर्माना | New India Times

मासुम बच्चों के साथ दुष्कर्म करने वाले कर्मी को अदालत ने पोक्सो कानून तथा जूनाइल जस्टिस अधिनियम की धाराओं के तहत 5 सश्रम कारावास व 60 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी बुलढाणा के शासकीय निरीक्षण गृह/बालसुधार गृह में बतौर केअर टेकर कार्यरत था जो अपने कर्तव्य को भूल कर लड़कों के साथ ही अनैसर्गिक कृत्य और अश्लील हरकतों को अंजम दे रहा था।

इस गंभीर मामले की शिकायत बुलढाणा शासकीय निरीक्षण गृह के अधीक्षक भाऊराव राठौड़ ने 7 सितंबर 2017 को बुलढाणा शहर थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि शासकीय निरीक्षण गृह के कर्मी केअर टेकर निवृत्ती बारिकराव राजपूत ने निरीक्षण गृह में रहने वाले 2 लड़कों के साथ अश्लील हरकत करते हुए एक के साथ में अनैसर्गिक संभोग किया है। अपराध दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिफ्तार किया था। बुलढाणा कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होने के बाद कोर्ट में 16 लोगों की गवाही दर्ज की गई तथा सरकार पक्ष की तरफ से जिला सरकारी अभियोक्ता एड. वसंत भटकर ने प्रभावी रूप से अपनी बात कोर्ट के सामने रखी। आज प्रमुख जिला व सत्र न्यायाधीश महेंद्र के महाजन ने आरोपी को पोस्को और विविध धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए पांच वर्ष की सश्रम कारावास एवं 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है साथ ही पीड़ित बालक को 25 हजार रुपये हर्जाना देने को भी कहा है।

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