वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर-खीरी (यूपी), NIT:

पूरे प्रदेश में आवारा पशुओं से शहरी व ग्रामीण वासी काफी परेशान हैं साथ ही बेसहारा पशु भी सुरक्षित नहीं हैं। सिंगाही में कान्हा गौशाला के लिए जमीन का चयन न हो पाने के कारण अभी सड़क पर पशु विचरण कर रहे हैं। ऐसे में आवारा पशु कस्बे में खुले में भटक रहे हैं। साथ ही किसानों की फसलों को नष्ट कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन इसको लेकर संजीदा नहीं है। जिससे किसान व कस्बेवासियों का परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बेसहारा पशुओं को गोशाला में सुरक्षित रखने के प्रशासनिक दावे की कलई खुलती नजर आरही है कस्बे की खैरीगढ़ साधन समिति व इलाहाबाद बैंक के सामने गैस एजेंसी के पास बेसहारा पशु विचरण करते नजर आए। ऐसे में तो शासन द्वारा दिए गए अल्टीमेटम तक सड़कों पर विचरण करने वाले पशु गोशालाओं में सुरक्षित नहीं हो पाएंगे। बेसहारा पशुओं को सुरक्षित करने के लिए प्रदेश सरकार ने कान्हा गोशाला योजना के अंतर्गत सभी नगर पंचायत में जमीन तलाश कर कान्हा गोशाला स्थापित करने का सख्त निर्देश दिया है। शासन की सख्ती के बाद सरकार के आदेश पर आननफानन प्रशासन द्वारा जमीन की तलाश शुरू कर दी गई। पर कान्हा गौशाला के लिए जमीन न मिल पाने के कारण यह आदेश हवा-हवाई ही साबित हो रहा है।
मेहनत पर फेर रहे हैं पानी
आवारा पशु कस्बे में आतंक का पर्याय बने हुए हैं। एक ओर जहां आवारा पशु कस्बे में लोगों के लिए जी का जंजाल बने हुए हैं। वहीं किसानों की मेहनत पर भी पानी फेर रहे हैं। आवारा पशु भोजन की तलाश में खेतों में घुसकर किसानों की फसलों को तहस-नहस कर रहे हैं। लेकिन प्रशासन आवारा पशुओं पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है।
नहीं मिली जमीन
नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी अनुराग पांडे ने बताया की शासन से कान्हा गौशाला बनाने के लिए कहा गया पर जमीन ना मिल पाने के कारण गौशाला का कार्य अटका हुआ है जैसे ही जमीन का चयन हो जाएगा कान्हा गौशाला का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। फिलहाल अस्थायी पशु गौशाला स्थापित करने के लिए जमीन मिल गई है, जिसमें कार्य कराया जा रहा है।
गौशाला में जाएंगे बेसहारा पशु
सड़कों पर घूम रहे सभी बेसहारा पशुओं को पंजीकृत गोशालाओं में सुरक्षित करा दिया जाएगा। और जमीन का चयन हो जाने पर कान्हा गौशाला का निर्माण भी शुरू कराया जाएगा: ओपी गुप्ता एसडीएम निघासन।
