दयाशंकर पांडेय, ब्यूरो चीफ, प्रतापगढ़ (यूपी), NIT:

जेठवारा थाना क्षेत्र में दलित की हत्या का मुकदमा दर्ज करने में पुलिस आनाकानी कर रही है। जांच के नाम पर पुलिस द्वारा आरोपी से मिलीभगत का आरोप लगाया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार थाना जेठवारा के इंस्पेक्टर विनोद कुमार यादव के द्वारा दलित हत्या का मुकदमा दर्ज न कर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया जा रहा है। एक हफ्ते से मृतक के माता-पिता थाना जेठवारा का चक्कर लगा रहे हैं। 14अक्टूबर को शाम 7 बजे विपिन कुमार सरोज की गला दबाकर हत्या कर दिया गया था लेकिन पोस्टमार्टम हो जाने का बाद भी पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है।

आरोप लगाया जा रहा है कि DGP उत्तर प्रदेश और योगी सरकार के आदेशों की जेठवारा इंसपेक्टर विनोद यादव धज्जियां उडा रहे हैं जबकि एक तरफ केंद्र की सरकार SC/ST अध्यादेश ला चुकी है उसके बावजूद SC विपिन सरोज की हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि आखिर पुलिस मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कर रही है? आखिर गरीब को कैसे न्याय मिलेगा?
इस बारे में जब कल इंसपेक्टर विनोद कुमार यादव से जानकारी मांगी गई तो बताया कि पीड़ित को थाना भेजें मुकदमा लिख दूंगा। पीड़िता अपने पति के साथ कल भी पूरा दिन और देर रात्रि तक और आज फिर सुबह से ही थाना जेठवारा में बैठी हुई लेकिन इंस्पेक्टर विनोद यादव का दिल नहीं पसीज रहा है। वह एक हफ्ते से जांच के नाम पर लीपापोती करने में लगे हैं। मृतक थाना जेठवारा के रामचन्दा पुर का निवासी है।
