मीरा-भईंदर में भूमिगत नालों का तेजी से निर्माण करवाना मेरा संकल्प है: सैयद मुजफ़्फ़र हुसैन | New India Times

साबिर खान, मीरा-भाईंदर/मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:

मीरा-भईंदर में भूमिगत नालों का तेजी से निर्माण करवाना मेरा संकल्प है: सैयद मुजफ़्फ़र हुसैन | New India Times

मीरा-भाईंदर विधानसभा सीट से कांग्रेसी प्रत्याशी सैयद मुजफ्फर हुसैन ने एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि मीरा भयंदर महानगरपालिका द्वारा लागू की जा रही भूमिगत नाला निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत डॉ मनमोहन सिंह की सरकार के कार्यकाल की जवाहरलाल नेहरु शहरी पुनरुत्थान परियोजना के तहत की गई थी। इस योजना के अन्तर्गत बने 9 एस टी पी प्लांट पिछले 5 साल से बन कर तैयार हैं लेकिन उनका कनेक्शन निवासी सोसायटियों से ना जोड़ने के कारण एस टी पी प्लांट बेकार खड़े हैं। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद 7 सालों से भाजपा शिवसेना शासित महानगरपालिका ने इस काम में कोई रुचि नहीं दिखाई। उससे भी भयानक है कुछ महीने पहले एक प्लांट को अवैध रूप से चालू करवाना, जिसमें सफाई करते वक़्त किसी भी नियम का पालन नहीं किया गया। परिणामस्वरूप एक मजदूर की मौत हो गई। उसकी लाश का क्या हुआ, यह आज तक रहस्य बना हुआ है। मजदूर बांग्लादेशी होने के कारण पुलिस और पालिका ने मामले को रफा दफा कर दिया। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि सफाई के ठेकेदार पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। इस प्रकार के काम में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।मीरा-भईंदर में भूमिगत नालों का तेजी से निर्माण करवाना मेरा संकल्प है: सैयद मुजफ़्फ़र हुसैन | New India Times

भ्रष्टाचार कि दीमक इस कदर भाजपा का जमीर खोखला कर चुकी है कि, दवाब में आकर आजतक एस टी पी प्लांट का कांट्रैक्ट नहीं दिया जा सका। इसकी वजह से हर बरसात में हाउसिंग सोसाइटी का नाला भर जाने के बाद, पानी निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण नाले का गंदा पानी सड़कों पर भर जाता है। जिसमें से होकर आम जनता को गुजरना पड़ता है। आखिर यह कैसी व्यवस्था है? योजना तैयार है, लेकिन स्थानीय आमदर के व्यक्तिगत स्वार्थ के चलते इसे शुरू नहीं करने दिया जा रहा है। इसीलिए मेरा संकल्प है कि चुनाव जीतने के बाद एस टी पी प्लांट सक्रिय करवाना प्राथमिकता होगी।
शहर के कई भागों में पाइपलाइन बिछाई जाने के बावजूद जल निकासी की व्यस्था चालू नहीं की जा रही है। ऐसा बताया जाता है कि शहर में गंदे पानी और मल निः सारण के लिए 10 सीवरेज लाइन बनाई गई है। लेकिन प्रत्यक्ष रूप में देखने पर 9 एस टी पी प्लांट बंद पाए गए। कई भागों में मल जल पर कोई प्रक्रिया किए बगैर उसे सीधे नालों में बहाया का रहा है। इन एस टी पी प्लांटों पर हर महीने करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाया जा रहा है, फिर भी पानी सड़कों पर बहता है। जिससे इसमें हो रहा भ्रष्टाचार साफ उजागर होता है। जब प्लांट बंद हैं तो उनके संचालन का भुगतान क्यों ही रहा है?मीरा-भईंदर में भूमिगत नालों का तेजी से निर्माण करवाना मेरा संकल्प है: सैयद मुजफ़्फ़र हुसैन | New India Times

इस समस्या से भाईंदर स्टेशन, 60 फीट रोड, खरीगांव, नवघर, गोड देव के निवासियों को निजात दिलाने की ना तो कोई योजना है ना ही भाजपा की इच्छाशक्ति। अपने विधायक के दबाव में भाजपा जनता को गंदे पानी से निजात दिलाने में पूरी तरह से असफल रही है।
इसीलिए भूमिगत नाला निर्माण करके एस टी पी प्लांट चालू करवाया जाएगा। मल जल पर उचित प्रक्रिया करने के बाद ही उसे नालों में जाने दिया जाएगा। इससे नालों का पानी सड़कों पर नहीं फैलेगा। जिसकी वजह से शहर के निवासियों को गंदगी और बीमारी दोनों से बचाया जा सकेगा। ये मेरा संकल्प है। आपके पास सुनहरे भविष्य का विकल्प है।

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