त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

प्रधानमंत्री द्वारा गरीब पात्र हितग्राहियों को रहने के लिये पक्का मकान व स्वच्छता को बनाये रखने के लिये पक्का शौचालय सरकार द्वारा निःशुल्क बनवाकर भारत के हर एक ग्राम के गरीब व्यक्ति को सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता मिशन योजना द्वारा लाभ देकर विकास से जोड़ा जा रहा है। इन सब योजना का मध्यप्रदेश में भी मुख्यमंत्री द्वारा पात्र व्यक्तियों को लाभ देने के लिये निर्देश दिये गये हैं कहा गया है कि इन सभी योजनाओं में जो अधिकारी भ्रष्ट्राचार करेगा उसे बख्शा नहीं जायेगा।

केन्द्र सरकार व राज्य सरकार की योजनाओं को पलीता लगाने वाली पंचायत का हाल अगर सच देखना हो तो सागर जिले की जनपद देवरी की ग्राम पंचायत खामखेडा जाकर देख सकते हैं जहाँ पर सचिव सह सचिव की लापरवाही व मनमर्जी के कारण शासन की योजनाओं में पलीता लगाकर भष्ट्राचार किया जा रहा है। पंचायत में सचिव ने प्रधानमंत्री आवास के नाम पर कडोरी पिता चुखे धानक से 4 हजार रूपये लिये व आखिरी किस्त 40 हजार की भी नहीं डाली गई। कडोरी धानक का जो शौचालय पंचायत द्वारा दो वर्ष पहले बनाया गया था वो भी एक वर्ष में ही गुणवत्ताहीन बनने के कारण जर्जर हो गया है। ऐसा ही हाल कोमल पिता चुखे धानक के साथ भी हुआ है।

कुटी में भी पैसे लगे व शौचालय भी दो वर्ष में जर्जर हो गया। पंचायत में बबलू पिता फूलसीग अहिरवार व लक्ष्मीरानी पति श्याम शेखर गौर का शौचालय दो वर्ष में जर्जर हो गया। पंचायत में प्रधानमंत्री आवास के नाम पर राघवेन्द्र सिंह पिता श्री राम दांगी से आवास की पहली किस्त 40 हजार में से 10 हजार सचिव-सह. सचिव ने लिये व अभी तक कुटी बनने के बाद भी मजदूरी की राशि नहीं मिली।

कुटी की मजदूरी राशि न मिलने वालों में सुखमन सेन, हल्ले भाई सेन, कुद्दा बंशल, कुसुम लोधी, भगवान सींग रजक, विशाल रजक आदि को नहीं मिली है। बहुत बार हितग्राहियों द्वारा सचिव से भी बोला गया मगर वह सुनने को तैयार ही नहीं है। पंचायत में जो एक वर्ष पहले सडके सुरेश आदिवासी के घर से लेकर मेन रोड तक व मेन रोड से लेकर रिछा वालों के घर तक जो सडकें बनी हैं वो एक वर्ष में ही जर्जर हालत में आकर उखड़ने लगी है। पंचायत में ऐसा प्रतीत हो रहा हैं जैसे शासन की पूरी योजनायें भ्रष्ट्राचार की भेंट चढ रही हो।

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