शादी सादगी से: गये थे मंगनी करने, निकाह पढा कर दुल्हन साथ लाए | New India Times

सलीम शेख, धुलिया (महाराष्ट्र), NIT;  ​शादी सादगी से: गये थे मंगनी करने, निकाह पढा कर दुल्हन साथ लाए | New India Timesइस समय पूरे देश में लगभग सभी धर्मों व समाज के लोगों में फिजूलखर्ची आम है। शादी के नाम पर हो रही बेतहाशा फिजूलखर्ची ने लोगों की कमर तोड कर रख दी है। फिजूलखर्ची व गलत रसम व रिवाज के कारण जहां बहुत सी लडकियां बिन ब्याही बैठी रह जाती हैं वहीं कभी कभी आत्महत्या जैसी इंताही कदम उठानेरपर मजबूर हो जाती हैं। ऐसे समय में एक धार्मिक गुरु की बातों से प्रभावित होकर महाराष्ट्र के धुलिया जिले से मंगनी के लिए गए लोगों ने निकाह पढवा कर दुल्हन को साथ ले आए  जिसकी सराहना पूरे इलाके में की जा रही है।​शादी सादगी से: गये थे मंगनी करने, निकाह पढा कर दुल्हन साथ लाए | New India Timesमंसूरी पिंजारी समाज में पहली बार ऐसी घटना हुई है। धुलिया शहर से एरंडोल जिला जलगांव महाराष्ट्र मैं धुलिया शहर के रहवासी तथा बंदे नवाज मंडप के मालिक व सामाजिक कार्यकर्ता लियाकत ऐनुद्दीन पिंजारी के बड़े भाई के लड़के दानिश यूसुफ पिंजारी की मंगनी एरंडोल जिला जलगांव के यूसुफ गंभीर पिंजरी की लड़की के साथ मंगनी का प्रोग्राम 2 अप्रैल 2017 को रखा गया था। इस मंगनी के प्रोग्राम में मुस्लिम समाज के धर्मगुरु ने धर्म के उद्देश्य और मंगनी के फिजूल खर्चे के बारे में मालूमात दी और कहा कि इस्लाम मजहब में सिर्फ निकाह की इजाजत अल्लाह ने दी है। फिजूलखर्ची से बचा करें और सादगी के साथ निकाह किया करें। इस बात को सुनते ही तुरंत डिसीजन बदला गया और मंगनी की जगह निकाह हो गया। इस निकाह की पूरे इलाके में जबर्दस्त चर्चा की जा रही है।​शादी सादगी से: गये थे मंगनी करने, निकाह पढा कर दुल्हन साथ लाए | New India Timesधुले जिला मंसूरी पिंजारी समाज विकास मंडल के अध्यक्ष हाजी कलीम हाजी हसन मंसूरी, हाजी कासिम हाजी हसन, सलीम सिकंदर, लतीफ निजाम, अजीज दिलावर, अकबर दादू, परवेज रफीक, हाजी शब्बीर ढशमशेर ,अरमान सुभान ,अमरनेर के मोहिनुद्दीन रसूल, सुलेमान अब्दुल ,शकील अब्दुल, रफीक दादू आदि लोगों ने इस मंगनी के प्रोग्राम को शादी में तब्दीली करने में अहम भूमिका निभाई है और सभी मुस्लिम व अन्य समाज के लोगों से अपील की है कि फिजूलखर्ची से बचते हुए सादगी के साथ सिर्फ शादी करें और बेकार की रस्मो व रिवाज से बचें।

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