त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश सरकार ग्रामीणों के लिये कई प्रकार की योजना चलाकर ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिये प्रयास कर रही है जिससे कि ग्रामीण क्षेत्रों का समुचित विकास हो सके। इसके लिये सरकार द्वारा “आपकी सरकार आपके द्वारा” जैसी योजना चलाकर ग्रामीणों की समस्या का निराकरण करेगी तथा इसमें प्रमुख सचिव से लेकर एसडीएम, सीईओ, सचिव तक को मुख्यमंत्री जी ने सख्त निर्देश दिये ह्रैं कि शीघ्र समस्या का निराकरण होना चाहिये नहीं तो सीधा सम्बंधित अधिकारी दोषी माना जायेगा और उसके ऊपर कडी कार्यवाही होगी। लेकिन देवरी जनपद की पंचायतों में तो खुले आम फर्जी बिलों का खेल चल रहा है। पंचायतों में सचिव-सरपंच फर्जी विल लगाकर राशि निकाली जा रही है और सीईओ को सब जानकारी होने के बाद भी मौन बनी हुई हैं। पत्रकारों ने कई बार पंचायतों की फर्जी बिल की खबर लगाकर सीईओ को अवगत कराया फिर भी सीईओ अमियमिता को लगातार नजर अंदाज करती आ रही हैं। सीईओ जनपद ऑफिस में भी कम ही नजर आती हैं। मेडम स्वंय मनमर्जी से ऑफिस आती जाती हैं, ऑफिस आने जाने का कोई निशचित समय नहीं है। सीईओ मेडम को पंचायतों की लापरवाही व अनियमिता से कोई लेना देना नहीं है। मेडम को न शासन की योजना से कोई मतलब है न ही उच्च अधिकारी व मुख्यमंत्री, मंत्री का कोई डर। मेडम बोलती हैं कि मैं तो अभी नई हूं, अभी काम सीख रही हूं, मैं किसी पंचायत पर कार्यवाही न ही निरीक्षण करूंगी। चाहे अखवार में खबर छपे मैं किसी अधिकारी नेता या पत्रकार से नहीं डरती, मैं अपनी मर्जी से चलती हूं।
