इम्तियाज़ चिश्ती, ब्यूरो चीफ, दमोह (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश की पुलिस जितनी सख्त है उतनी ही नरम भी, जी हाँ दमोह पुलिस का मार्मिक पहलू बार फिर सामने आया है।
दरअसल दमोह जिले के मगरोंन थाना में पदस्त थानेदार श्रद्धा शुक्ला ने थाने में एक ऐसी नज़ीर पेश की जिसकी चारों तरफ़ तारीफ हो रही है। होनहार और नए जोश नई ऊर्जा के साथ पुलिस की वर्दी में मगरोंन थाने में पदस्त थानेदार श्रध्दा शुक्ला जिनकी बहादुरी और ईमानदारी के चर्चे आम हैं तो दरियादिली भी इसकदर की इलाके का हर एक बच्चा इनका मुरीद है। ये जिस भी थाने में पहुँचती है उस क्षेत्र में अपराध पर तो अंकुश लगता ही है बल्कि इलाके के स्कूल कॉलेज के छात्र छात्राओं के लिए रोल मॉडल बन जाती हैं। 
कभी स्कूलों जन संवाद कार्यक्रम चलाकर छात्र छात्राओं के दिलों में पुलिस का भय दूर कर आत्मविश्वास बढ़ाना तो कभी बच्चों को यातायात के नियमों को समझना। अब जो तस्वीर सामने आई है वह किसी का भी दिल जीत ले। जी हाँ मगरोंन थाना क्षेत्र की एक बुजुर्ग बदहवास महिला जो बीच सड़क पर अस्त व्यस्त कपड़ों में भीख माँगती नजर आई जिस पर महिला थानेदार की नज़र पड़ी तो अपने सिपाहियों से उसे थाने बुलाया और उसको फौरन नये कपड़े, चप्पल खुद महिला थानेदार श्रद्धा शुक्ला ने पहनाये।

जैसे ही कपड़े पहनाये महिला इस क़दर भावुक हो गई कि फूट फूट कर रोने लगी और थानेदार को गले लगा लिया। पुलिस ने उसके घरवालों का पता करवाया और थाने में ही परिजनों को बुलाकर समझाइश दी। श्रद्धा शुक्ला का कहना है पुलिस का काम ही जनसेवा है तो उसी का ननिर्वहन कर रह्री हूँ। महिला थानेदार की दरियादिली देखकर इलाके के लोगों के दिलों में अच्छी जगह बनी है और चारों तरफ तारीफ हो रही है। अगर इसी तरह पुलिस अपने कर्तव्य के प्रति लगनशील और जिम्मेदार हो जाये तो आम जनता के दिलों से पुलिस का खौफ कम तो होगा साथ ही पुलिस और पब्लिक के बीच एक अच्छा सामंजस्य क़ायम होगा। महिला थानेदार श्रद्धा शुक्ला ने आज उसी की एक नज़ीर पेश की है।
