संदीप तिवारी, ब्यूरो चीफ, पन्ना (मप्र), NIT:

नगर अमानगंज के हृदय स्थल कहे जाने वाले गांधी चौक तक पहुंच मार्ग चतुर्वेदी मोहल्ला रोड की तो दुर्दशा का शिकार तो है ही लेकिन लेकिन जरा गौर फरमाएं कि गांधी चौक कहे जाने वाली अमानगंज की इस हृदय स्थली में इसी स्वतन्त्रता दिवस में आन बान शान से देश का तिरंगा लहराया भी था लेकिन नगर की प्रशासनिक अदूरदर्शिता औऱ अव्यवस्थिता के मकड़ जाल ने गांधी जी तक को नहीं छोड़ा क्योकि जनाब जितना ज्यादा मकड़ जाल उतनी तगड़ी इनकम।

जी हां इसी ह्रदय स्थल जिसका नाम गाँधी चौक है लेकिन नगरीय प्रशाशन कि उपेक्षा के चलते देश के राष्ट्र पिता की स्टेच्यू प्रतिमा को अतिक्रमण का शिकार होना पड़ रहा है। यह ही नहीं जिस ध्वज स्थल पर देश का ध्वज फहराया जाता है उसी पर चाय की दुकान सज गयी है। जरा याद किया जाए तो रिमझिम फुहारों के बीच इसी ह्रदय स्थल पर इसी स्वतन्त्रता दिवस पर तिरंगा लहराया गया था साथ ही गुनोर रोड से सीधी होती हुई सड़क नगर अमानगंज के गांधी चौक हृदय स्थल तक पहुचती है लेकिन गड्ढों में सड़क या सड़क में गड्ढे जो भी हो पर ये सत्य है कि इस हृदय स्थल तक पैदल चलने वाली जनता जनार्दन कीचड़ में सन जाती है साथ ही इस सड़क पर बने गड्ढों की वजह से आवाजाही करने वाले वाहनों से उछलता कीचड़ जो किसको दागदार कर दे कोई ठिकाना नहीं।

इस मार्ग में सब्जी बेचने बालों की दुकान लगने से भी यह मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। आखिरकर क्यों सब्जी मंडी की सौगात नहीं दे पा रहा है नगर परिषद अमानगंज? आये दिन इस मार्ग में सने कीचड़ से जाम की स्थिति भी निर्मित होती लेकिन बावजूद इसके जनप्रतिनिधि और मान्यवर विषय सम्बंधित अधिकारी क्यों उदासीन हैं?
