गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकरनगर (यूपी), NIT:

अकबरपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्मों की हालत जर्जर हो चुकी है। एक और दो नंबर प्लेटफार्म पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं और यात्रियों के बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है साथ ही स्वच्छ पेयजल के लिए मुसाफिर तरस रहे हैं। दूसरी तरफ प्लेटफार्मों पर आवारा सांडों का बसेरा है। हाल में ही महिला रेलवे सफाई कर्मचारी को एक सांड ने जख्मी कर दिया था फिर भी रेलवे प्रशासन की आंखें नहीं खुली।
प्लेटफॉर्म पर जगह-जगह गड्ढे हो चुके हैं, यात्री ठोकर खा रहे हैं, लेकिन रेलवे के अधिकारी प्लेटफार्मों को बनवाना तो दूर, मरम्मत तक नहीं करा रहे हैं। हाल में ही भारी-भरकम बजट आया फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

इस स्टेशन की ओर अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं हैं। अकबरपुर स्टेशन पर नए प्लेटफार्म बनना तो दूर, जो प्लेटफार्म हैं उनका भी रेलवे द्वारा रखरखाव नहीं किया जा रहा है, जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। प्लेटफार्म नंबर एक की हालत तो पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। इस प्लेटफार्म पर न सिर्फ गड्ढे हैं, जगह-जगह मलबा इकट्ठा है। यात्री ठोकरें खा रहे हैं।

दो नंबर प्लेटफार्म पर घास एवं झाड़ियां तो नहीं हैं, लेकिन प्लेटफार्म की मरम्मत नहीं कराई गई। एक नंबर प्लेटफार्म में गहरे गड्ढे हो रहे हैं। लगभग चार माह पूर्व ट्रेन में चढ़ते समय एक यात्री ठोकर खाकर गिरने से घायन हो गया था। जिसकी बाद में मौत हो गई थी। ना तो रेलवे अधिकारियों ने ही इस पर गंभीरता दिखाई और न ही जनप्रतिनिधियों ने ही गंभीरता से पैरवी की। आज तक प्रस्ताव ठंडे बस्ते में ही पड़ा हुआ है।
अधिकारियों को भेजा गया है पत्र
अकबरपुर रेलवे स्टेशन अधीक्षक जियालाल यादव का कहना है कि कुछ स्थानों पर प्लेटफार्म की स्थिति खराब है जिनकी मरम्मत और स्वच्छ पेयजल व्यवस्था कराने के लिए अधिकारियों को पत्र भेज दिया गया है। इसके लिए पैरवी भी कराई जा रही है, मगर अधिकारी सुनते नहीं हैं।
