फराज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ, बहराइच (यूपी), NIT:
हुजूरपुर थाना क्षेत्र के भंगहा भाजपा बूथ अध्यक्ष की मौत का मामला शुक्रवार को उस समय और गरम हो गया जब भंगहा के बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे और डीएम कार्यालय के सामने सीबीआई जांच, एसओ व पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के निलंबन की मांग को लेकर हाईवे जाम कर दिया जिससे लगभग एक घंटे तक आवागमन ठप रहा। इस दौरान जाम में एंबुलेंस भी फंसी रही। अधिकारियों के मान-मनौवल के बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया।

भंगहा निवासी लल्लू उर्फ परमानंद निषाद (38) पुत्र सोहनलाल भंगहा बूथ के भाजपा अध्यक्ष थे। 15 जुलाई को वह पासिनपुरवा गांव में कंधई के घर आयोजित मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। 40 घंटे बाद उनका शव घर से लगभग 500 मीटर की दूरी पर सरयू नदी में उतराता पाया गया था। परिवारजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा भी दर्ज किया था लेकिन प्रशासन ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर भाजपा नेता की मौत पानी में डूबकर होना बताया जिसके बाद मृतक के साले उमेश, पत्नी रिंकी के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण डीएम कार्यालय के मुख्य गेट के सामने पहुंच गए और पुलिस की कार्रवाई के विरोध में बहराइच-लखनऊ हाईवे को जाम कर पुलिस प्र्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन करने लगे।

बड़ी संख्या में मौजूद महिलाएं हाईवे पर बैठ गई। ग्रामीण भाजपा नेता की डूबने से मौत नहीं, बल्कि हत्या बताते हुए पुलिस व प्रशासन पर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया। सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट जय प्रकाश, सीओ सिटी त्रयंबक नाथ दूबे, नगर कोतवाल सर्वेंद्र नाथ, देहात कोतवाल एके सिंह, यातायात प्रभारी शेषमणि पांडेय, महिला एसओ नीलम उपाध्याय समेत पीएसी के जवान मौके पर पहुंच गए। उग्र ग्रामीणों को समझाने-बुझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर डटे रहे। अधिकारियों ने इस प्रकरण की जांच हुजूरपुर थाने से हटाकर क्राइम ब्रांच को देने के आश्वासन पर ग्रामीण नरम पड़े और जाम हटा दिया।
