मप्र सरकार के महत्वाकांक्षी स्मार्ट फोन वितरण योजना रायसेन जिले के गैरतगंज कालेज में बना महज खानापूर्ति, कालेज प्रबंधन पर मनमानी करने का आरोप | New India Times

तारिक खान, रायसेन ( मप्र ), NIT; ​मप्र सरकार के महत्वाकांक्षी स्मार्ट फोन वितरण योजना रायसेन जिले के गैरतगंज कालेज में बना महज खानापूर्ति, कालेज प्रबंधन पर मनमानी करने का आरोप | New India Timesउच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाली शासन की अति महत्वाकांक्षी स्मार्ट फोन वितरण योजना रायसेन जिले के गैरतगंज कालेज में महज खानापूर्ति मात्र बन कर रह गई है। प्रबंधन द्वारा बिना प्रचार प्रसार किए बंद कमरे में कार्यक्रम करके स्मार्ट फोन बांटने की औपचारिकता की जा रही है। जिसके कारण शासन की इस योजना की जानकारी लोगों को नहीं मिल पा रही है। भाजपा के मंडल अध्यक्ष एवं एसडीएम गैरतगंज ने भी इसके लिए प्रबंधन से कडा एतराज जताया है। 

 सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश भर में कालेजों में चल रही उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाली स्मार्ट फोन वितरण योजना के क्रियान्वयन में गैरतगंज कालेज में केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। हाल ही में कालेज में हुए स्मार्टफोन वितरण में सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों एवं संगठन प्रमुखों को आमंत्रित तक नहीं किया गया है। इसके अलावा कालेज की जनभागीदारी समिति के अधिकांश सदस्यों को भी सूचना नहीं दी गई है। स्मार्टफोन बांटने के लिए बुलाए गए एसडीएम केआर चौकीकर ने इस अव्यवस्था के लिए प्रबंधन से एतराज जताया है। नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि इस गडबडी को सुधारें। गौरतलब है कि कालेज प्रबंधन ने इस महत्वपूर्ण योजना के तहत बांटे गए स्मार्टफोन के वितरण कार्यक्रम को चंद लोगों के बीच सीमित दायरे में करके अपने कार्य की खानापूर्ति कर ली है। योजना का कोई प्रचार प्रसार क्षेत्र में नहीं किया गया है। जिसके कारण इस महत्वपूर्ण योजना की जानकारी लोगों को नहीं मिल पाई है। जहां एक तरफ प्रदेश एवं जिले के कई स्थानों पर स्थित कालेजों में स्मार्टफोन वितरण के कार्य के लिए बाकायदा बडे बडे समारोह आयोजित किए जा रहे हैं तथा प्रचार प्रसार कर मंत्री स्तर के जनप्रतिनिधियों के माध्यम से स्मार्ट फोन बांटे जा रहे हैं वहीं वनमंत्री डा.गौरीशंकर शेजवार के क्षेत्र में स्थित गैरतगंज कालेज में महज रस्म अदायगी की जा रही है।बीजेपी के संगठन प्रमुख मंडल अध्यक्ष मूरतसिंह ठाकुर ने कालेज प्रबंधन द्वारा अपनाए जा रहे इस रवैए पर कडा एतराज जताते हुए वनमंत्री को अवगत कराने की बात कही है।

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