गरीबों को भोजन खिलाने के बाद गरीबों के चेहरे पर जो खुशी दिखती है उसे मैं बयां नहीं कर सकता: नितिन वर्मा | New India Times

गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकरनगर (यूपी), NIT:

गरीबों को भोजन खिलाने के बाद गरीबों के चेहरे पर जो खुशी दिखती है उसे मैं बयां नहीं कर सकता: नितिन वर्मा | New India Times

आज भी हमारे देश में भुखमरी एक अभिशाप है, देश में करोड़ों गरीब दो वक्त की रोटी के लिए मंदिरों और लंगर के बाहर बैठ जाते हैं और रोटी का इंतजार करते हैं। भारत देश अभी भी गुमनामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ है। हम और आप बाहर घूमने जाते हैं, खाते हैं, पीते हैं और मस्ती करते हैं, क्या हमारी नजर कभी ऐसे बच्चों पर पड़ी है जो कि झुग्गी झोपड़ी इलाके में रहते हैं। जिनकी सारी जिंदगी अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में ही निकल जाती है। जिंदगी की इस जद्दोजहद में ये लोग दो वक्त का खाना भी ठीक से नहीं जुटा पाते हैं। गरीबों की इन्हीं परेशानियों को करीब से देखा है अंबेडकरनगर का यह दिलेर नौजवान नितिन वर्मा ने। वैसे नितिन पोस्ट बसखारी तहसील टांडा
के रहने वाले हैं और एक कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखते हैं। नितिन भावुक होकर मीडिया को बताया कि गरीबों को मुफ्त भोजन के इस कार्य के आगे अपने पिता स्वर्गीय महेंद्र प्रताप वर्मा का आशीर्वाद है। मार्च 2019 से मुफ्त भोजन गरीब असहाय को खिलाया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से 12:00 बजे तक और शाम 6:00 बजे से 8:00 बजे तक गरीबों को खाना खिलाया जाता है।

नितिन कहते हैं कि…

“मैंने जब भूखे असहाय बच्चों को भोजन कराने के बाद वो तस्वीरें देखीं तो उन बच्चों के चेहरे पर जो मुस्कान थी उसे देखकर मैं बता नहीं सकता कि मुझे कितनी खुशी मिलती है। उसी समय मैंने फैसला कर लिया कि मुझे इन गरीब बच्चों के लिए कुछ करना है। काफी संख्या में गरीबों को मुफ्त में भोजन कराया जाता है और हर दिन मीनू के हिसाब से खाना भी खिलाया जाता है।

By nit

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