चाँद के दीदार के साथ ही माहे रमजान के मुक़द्दस महीने का हुआ आगाज, कल होगा पहला रोज़ा | New India Times

रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

चाँद के दीदार के साथ ही माहे रमजान के मुक़द्दस महीने का हुआ आगाज, कल होगा पहला रोज़ा | New India Times

इस्लाम का सबसे मुबारक पवित्र माहे रमजान का आगाज चांद के दीदार के साथ हो गया है। बड़ी बरकतों व फ़ज़ीलत वाला महीना रमज़ान सूरज ढलते ही शुरू हो गया है। चांद दिखते ही मुस्लिम समाज के बड़े बुजुर्ग महिलाएं और बच्चों के चेहरों पर खुशी और रौनक नज़र आ रही है। मुस्लिम भाइयो ने मग़रिब की नमाज़ के बाद अपने मुस्लिम भाईयों को गले लगाकर माहे रमज़ान के आमद की मुबारकबाद दी। वही बच्चे घर,घर जाकर सलाम करके रमज़ान के महीने की आमद की मुबारकबाद और ख़ुशी का इज़हार कर रहे है।मुस्लिम बस्तियों में आज चहल पहल बढ़ गई हैं। बाज़ारो में भी रौनक देखी गई हैं ! सेहरी व इफ्तार की सामग्री की खरीदारी की गई !
आज से रमज़ान की विशेष नमाज़ तरावीह पड़ी जाएगी। हर मस्ज़िद में इंशा की नमाज़ के बाद तरावीह की नमाज़ अदा की जाएगी। इसके लिए मस्ज़िदो मे पहले से ही इमाम का इंतिखाब करके तमाम ज़रूरतो का इंतज़ाम कर लिया हैं।

अल्लाह के नबी का इर्शाद हैं। रमज़ान का महीना सब्र का हैं और सब्र का बदला जन्नत हैं इस महीने में कुरआन नाज़िल हुआ था ये महीना लोगो के साथ गमख्वारी करने का हैं। इस महीने में मुसलमान का रिज़्क़ बड़ा दिया जाता हैं। और सरकश शयातीन को कैद कर लिया जाता हैं। इस महीने नेकियों का भाव बड़ा दिया जाता हैं एक फ़र्ज़ 70 फर्ज़ो के बराबर हो जाता हैं नफिल नमाज़ एक फ़र्ज़ के बराबर हो जाती हैं। हर अमल का बदला अल्लाह 70 गुना बड़ा के देते हैं।
फिर आपने फरमाया की अल्लाह इर्शाद फरमाते हैं की रोज़ा मेरे लिए हैं और इसका सवाब में खुद दूंगा।

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