वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी के नगर छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ में मेला मैदान स्थित नगर पालिका परिषद के अस्थाई कैंप कार्यालय में नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल द्वारा पूजन हवन कर चैती मेले के कार्यालय का शुभारंभ किया गया। छोटी काशी के पौराणिक महत्व वाले चैती मेले का 12 अप्रैल को परंपरागत ढंग से कुछ हटकर उद्घाटन होगा ,चुनावी आचार संहिता का अक्षरश: से पालन कराया जाएगा। इसके लिए नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह तैयारियों में जुट गया है। मेला मैदान परिसर में पुरानी लगी व्यापारियों की दुकानें हटाई जाने और नए खेल तमाशे व अन्य तमाम प्रकार के सजावटी दुकानों को लगाया जाना जारी है।

धार्मिक नगरी छोटी काशी में चैत्र मास में लगने वाले मेले में पदार्पण कर लोगों का आना जाना शुरू हो गया है,लोगों के अनुसार माता पूर्णागिरि के दर्शन कर वापस लौट रहे तीर्थ यात्री बसों का छोटी काशी में आगमन जारी है ,लगभग पूरे माह भर लगने वाला या मेला प्रशासनिक दृष्टिकोण से सिमटता नजर आ रहा है, 2019 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर लगने वाली चुनाव आचार संहिता के चलते नगर और नगर वासियों को सम्मान जनक मेले की पारंपरिक विधाओं से दूर रखे जाने की पूरी संभावना है, मंच पर होने वाले तमाम कार्यक्रमों पर चुनाव प्रेक्षकों की भी नजर डोलती नजर आएगी। इससे पूर्व इस मेले में कानपुर की नौटंकी, भागलपुर का नाटक, बड़े बड़े झूले,काला जादू और तमाम प्रकार के सामानों के प्रतिष्ठान जिसमें हैंडलूम, लाठियों ,ढोलकों बरेली से सुरमा की दुकाने हर माल और बच्चों के खेल खिलौने की दुकान है।लकड़ी की फर्नीचर की दुकान है, और यहां तक कि इस इलाके में चलने वाले लेहरु जिन्हें जगह जगह पर दूसरे नामों से रब्बा आदि कहकर पुकारा जाता था कि खरीद के लिए इस मेले में आते थे। आज नाटक नौटंकी नाच गाने के स्टाल मसलन प्रमिला डांस कंपनी वह हरदोई शाहजहांपुर से आने वाली तमाम खेल तमाशा मेले की व्यवस्था और उनकी नीतियों के चलते प्रभावित होकर लगभग आना बंद हो चुके है।

चिड़ियाघर जिससे बच्चों का तमाम प्रकार के जानवरों पंछियों से सामना होता था वह सब सरकार की नीतियों के चलते दम तोड़ चुके हैं वर्तमान में अगर देखा जाए तो मौत का कुआं तमाम प्रकार के झूले आदि की दुकानें स्थान पर बना लिया यहां लोग भी महंगी दरों पर जमीनों का आवंटन कराकर मेला की रौनक बढ़ाते है वही दुकानदारों से मेला प्रशासन द्वारा की जा रही उगाही से काफी खिन्न नजर आ रहे हैं, दूसरी ओर पारंपरिक ढंग से लगने वाले मेले में यहां पर स्थाई बनी दुकानों से नगर पालिका प्रशासन भी परेशान है। दुकानों को हटाने को लेकर मनमुटाव सामने आते रहे हैं,अगर यही आलम रहा तो ऐतिहासिक पौराणिक चैती मेला इतिहास के गर्भ में समाता नजर आएगा।पिछले कुछ वर्षों से नगर पालिका परिषद अध्यक्ष की नजरें इनायत से अच्छा खासा बजट पास कर मेले की गरिमा औऱ शोभा को बढ़ाया ।पूरे मेले को नगर पालिका परिषद द्वारा बिजली पानी की सुविधा प्रदान करना। मेला परिसर के गेटों को सुसज्जित कर सजाना आदि तमाम व्यवस्थाओं के द्वारा मेले को जीवांत तो रखा जा रहा है।इस शुभ अवसर पर मुख्य रूप से नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल, प्रधान लिपिक राजेश बाजपेई, सभासद आनंद सोनी सहित वार्ड सदस्य व कर्मचारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
