पंकज शर्मा, ब्यूरो चीफ धार (मप्र), NIT:

1 अप्रैल 2019 को बच्चों का नवीन सत्र शुरू हुआ है, इसके तहत बच्चों को मंनोरंजन के साथ साथ किस तरह पढ़ाई की मुख्य धारा से जोड कर और उनका मन शाला में बांधकर उन्हें पढ़ाया जाए जिससे वह मजबुती से टिका रहे और शाला में सार्थक और अच्छी बातों को भी ग्रहण कर सकें। बच्चों का मन हंसने, खेलने, गाने और कुछ का नाचने में बहुत लगता है। इसी को देखते हुए शासन ने इस अप्रैल माह को बच्चों के लिए जायफूल लर्निंग के तहत रखा है और उसी के तहत आज दिनांक 2/4/2019 को शा,क,मां,वि, तिरला की शाला में श्रीमती ममता वैरागी ने स्वयं गीत और कविता रचकर एवं गाकर बेटियों को शाला सिद्धि से भी जोडते हुए इस कविता को गाया।
जायफूल लर्निंग के तहत कविता
लेट मत होना गुडिया।
जल्दी शाला पहूचं गुडिया।
लेट,मत होना तू गुडिया।
गांव ,गांव ,गली गली,
सबको तू बतलाना गुडिया।
शाला का क्या महत्व होता।
उसमें कैसे बचपन खिलता।
पढलिख कर बतला यह गुडिया।
एक सुंदर राह बना,
जीवन प्यारा महका,अपना
जिस डाली पर तु खिली।
उसे भी न ई पहचान दिलाना
होंसला रख जमाने में गुडिया।
चहुं ओर अपना नाम बना।
जमीं, आसमां,तू छुना
नर,नहीं, नारी भी महान
ऐसी मंजिल पर जा गुडिया।
आज बात समझ लें मेरी।
मैं हूं प्यारी, शिक्षक तेरी।
हाथ पकड़ कर चलना सिखाऊ।
जीवन,पथ पर दौडना तु गुडिया।
