आचार संहिता के नाम पर जल किल्लत की समस्या को नजरअंदाज न करे प्रशासन: जावेद अंसारी | New India Times

मकसूद अली, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

आचार संहिता के नाम पर जल किल्लत की समस्या को नजरअंदाज न करे प्रशासन: जावेद अंसारी | New India Times

देश में लोकसभा के चुनाव होने जा रहे हैं, सभी राजकीय पार्टियां और प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। चुनाव धूपकाल में होने से इस दौरान शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र की जनता को भारी जल किल्लत से झुजना पडता है। गत वर्ष शहर में भारी जल किल्लत निर्माण हुई थी, इस वर्ष वैसी स्थिती निर्माण ना हो इसलिए प्रशासन ने क्या तैयारीयां की हैं इसकी कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में अधिकारी आचार-संहिता का कारण बताकर जल किल्लत की समस्या को नजरअंदाज ना करें, ऐसा आह्वान नगर परिषद के जेष्ठ नगरसेवक एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जावेद अंसारी ने की है।

शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में अमृत योजना के तहत काफी पानी मिलेगा ऐसी उम्मीद लोगों को गत वर्ष दिखाई दी थी. लेकिन इस योजना का काम ठप पडा है।लोगों को आज भी निर्माण होनेवाले जल किल्लत की चिंता सता रही है. ऐसे में उनके नेता एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी जल किल्लत पर बात करने के लिए तयार नहीं है। जिला प्रशासन तथा जीवन प्राधिकरण के अधिकारी आचार संहिता के नाम पर जल किल्लत की समस्या को नजरअंदाज ना करें ऐसा जावेद अंसारी ने कहा है अन्यथा ऐसे अधिकारीयों के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी भी उन्होंने दी है।

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