अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
भोपाल शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त श्री संजय कुमार ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (1) के तहत जारी इस आदेश के अनुसार अब भोपाल में किसी भी प्रकार का आयोजन बिना अनुमति के करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि भोपाल जिले में धरना, प्रदर्शन, आंदोलन, जुलूस, रैली, आमसभा, पुतला दहन, पदयात्रा, रथ यात्रा, वाहन रैली, ज्ञापन, किसी कार्यालय, निवास या शासकीय भवन का घेराव जैसे कार्यक्रम आयोजित करने से पहले पुलिस उपायुक्त, आसूचना एवं सुरक्षा, नगरीय पुलिस भोपाल से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति आयोजित कार्यक्रमों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और कार्यक्रम के दौरान होने वाली किसी भी अव्यवस्था या नुकसान की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी।
जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि शहर की सीमा के भीतर किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले कार्यक्रम या उत्तेजनात्मक भाषण देने पर रोक रहेगी, जिससे साम्प्रदायिक तनाव या शांति भंग होने की आशंका हो। अनुमति मिलने की स्थिति में भी आयोजकों को अनुमति पत्र में दी गई सभी शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा किसी भी प्रकार के अनुचित मुद्रण या प्रकाशन, जिससे समुदायों के बीच वैमनस्यता या तनाव पैदा हो, उस पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। सभी प्रकार के आयोजनों में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र, विस्फोटक सामग्री या जनसामान्य के लिए खतरा पैदा करने वाली वस्तुओं के उपयोग और रख-रखाव पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी संगठन, राजनीतिक दल या आयोजकों द्वारा सार्वजनिक स्थल, शासकीय परिसर या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी आयोजकों की होगी और उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
यह आदेश आगामी दो माह तक प्रभावी रहेगा। आदेश के उल्लंघन की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

