महेशपुर रेंज में राजनेताओं के संरक्षण व प्रशासन की मिलीभगत से कई स्थानों पर धड़ल्ले से हो रहा है अवैध कटान | New India Times

वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर-खीरी (यूपी), NIT:

महेशपुर रेंज में राजनेताओं के संरक्षण व प्रशासन की मिलीभगत से कई स्थानों पर धड़ल्ले से हो रहा है अवैध कटान | New India Times

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद की तहसील मोहम्मदी के महेशपुर रेंज में प्रतिबंधित हरे भरे पेंड़ों का कटान कराया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो लकड़ी माफियाओं को राजनीतिक तथा प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है जिससे के बल – बूते पर वे बिना परमीशन लिये ही अपने अवैध कृत्यों को अंजाम देते हैं।
बताते चलें कि यह एक वन बाहुल्य क्षेत्र है। इस क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के प्रतबन्धित किस्म के पेड़ हैं जिनके संरक्षण की जिम्मेदारी वन विभाग की है लेकिन यहां वृक्षों का संरक्षण तो दूर की बात जिम्मेदारी अधिकारी व कर्मचारीगण स्वयं ही चंद पैसों के लालच में हरे भरे पेंड़ों का भक्षण करवा रहे हैं।

महेशपुर रेंज में राजनेताओं के संरक्षण व प्रशासन की मिलीभगत से कई स्थानों पर धड़ल्ले से हो रहा है अवैध कटान | New India Timesबताते चले मोहम्मदी रेंज क्षेत्र के मियांपुर कॉलोनी के पास पुरैनाताल के पास हरे भरे शेमल आदि वृक्षों का कटान हो रहा है। मौके पर पहुंचने पर कथित ठेकेदार ने बताया कि वह क्षेत्रीय विधायक के गांव का रहने वाला है और विधायक के कहने के अनुरूप ही अवैध कटान करते हैं।
और बताया कि क्षेत्रीय वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना हम कोई कटान नहीं करते।
क्षेत्र में कई स्थानों पर अवैध रूप से काटे गये प्रतबन्धित पेंड़ों की निशानदेही मौजूद है। इतना ही नहीं क्षेत्र के कई स्थानों पर कटान जारी है।

महेशपुर रेंज में राजनेताओं के संरक्षण व प्रशासन की मिलीभगत से कई स्थानों पर धड़ल्ले से हो रहा है अवैध कटान | New India Times
इस सम्बंध में जब मीडिया के लोगों ने क्षेत्रीय रेंजर से जानकारी लेने की कोशिश की तो वह स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ दिखाई दिये।
क्षेत्रीय वन दारोगा से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि जानकारी होने पर कार्यवाही की जाएगी।

महेशपुर रेंज में राजनेताओं के संरक्षण व प्रशासन की मिलीभगत से कई स्थानों पर धड़ल्ले से हो रहा है अवैध कटान | New India Timesअब सवाल यह उठता है कि यदि जिम्मेदारों को क्षेत्र में हो रहे अवैध कटान की जानकारी नहीं है तो फिर वह कार्रवाई ही क्यों करेंगे? सवाल यह भी उठता है कि कहीं जान कर तो वह अनजान नहीं बन रहे हैं क्यों कि दिन में ही अवैध कटान होता है। इसलिए क्षेत्र से वन अधिकारियों को जानकारी न मिलना भी उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है।
फिलहाल कुछ भी हो लेकिन बसंत ऋतु जो कि हरियाली की ऋतु होती है इसमें भी हरे -भरे पेंडो का क्षेत्र में कटान जारी है।

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