रहीम शेरानी, झाबुआ/अलीराजपुर (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले की स्वास्थ्य सेवा पूरी तरहा चरमराई हुई है। केन्द्र सरकार व मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बडे बडे दावे वादे कर रही है और झाबुआ अलीराजपुर जिले में लोकप्रिय सांसद विधायक होने के बाद भी अलीराजपुर जिले की स्वस्थ सेवाओं की जमीनी हकीकत विचारणीय है। हम बात कर रहै हैं अलीराजपुर जिला चिकित्सालय की जिसमें शाम के 5:30 बजे तक डाँक्टर ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होते हैं जबकि मरीज 4:30 बजे से यहाँ डाॅक्टरों के इन्तजार करते रहते हैं और परेशान होकर मरीज झोलाछाप डॉक्टरों के दवाखानों में उपचार करवाने पर मजबुर हो रहे हैं। झाबुआ, अलीराजपुर जिला आदिवासी बाहुल्य जिला है। इसलिए गरीब आदिवासी मरीज दूरदराज के ग्रामीण अंचलों से जिला चिकित्सालय इलाज कराने के लिए आते हैं और घंटों इंतजार करने के बाद अपने गंतव्य अपने घर के लिए वापस लौटते हैं और उन्हें जाने के लिये साधन भी नहीं मिलता। यहां क्षेत्र के गरीब भोले भाले आदिवासियों के स्वास्थ्य के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है और उन्हें मिलने वाली शासन की तमाम योजनाओं का लाभ भी समय पर नहीं मिल पा रहा है।
