महिलाओं के साथ दुष्कर्म के मामले में मध्य प्रदेश नंबर-1;  शिवराज सरकार की खुली पोल | New India Times

सरवर खान ज़रीवाला, भोपाल, NIT;​महिलाओं के साथ दुष्कर्म के मामले में मध्य प्रदेश नंबर-1;  शिवराज सरकार की खुली पोल | New India Times

  • गृहमंत्री के मुताबिक प्रदेश में फरवरी 2016 से जून तक 1868 महिलाएं दुष्कर्म और 108 महिलाएं सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुईं हैं। इनमें 883 बालिग और 985 नाबालिग थीं। जुलाई 2016 से अब तक 2411 महिलाओं के साथ दुष्कर्म, 140 के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ। इस अवधि में दुष्कर्म के 2400 और सामूहिक दुष्कर्म के 137 मामले दर्ज हुए। दुष्कर्म का शिकार बनीं।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बडे- बडे दावों के बीच महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के मामलों में बढोतरी देखी जा रही है। ऐसे में विज्ञापनों सुनाई देने वाला यह जुमला “एमपी अजब है, सबसे गज़ब है” बिल्कुल सटीक बैठ रहा है। वास्तव में एमपी अजब ही है। इस प्रदेश में बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने से लगाकर महिला सशक्तिकरण के लिए लाडली लक्ष्मी, लाडो, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री साइकल योजनाएं चलाई जा रही है। युवतियों को स्वयं की सुरक्षा में सक्षम बनाने के लिए शौर्या-दल गठित किए जा रहे हैं। लेकिन, प्रदेश में महिला अपराधों को लेकर जो सच सामने आया हैं, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जारी रिकार्ड के अनुसार एक बार फिर मध्यप्रदेश महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित राज्यों में शामिल हो गया। ​महिलाओं के साथ दुष्कर्म के मामले में मध्य प्रदेश नंबर-1;  शिवराज सरकार की खुली पोल | New India Timesनेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के मुताबिक महिलाओं के साथ दुष्कर्म के सर्वाधिक मामले मध्यप्रदेश में घटित हुए हैं। यह लगातार दूसरा साल है जब महिलाओं के खिलाफ अपराधों में मध्य प्रदेश सबसे ऊंची पायदान पर खड़ा है। इसे कानून व्यवस्था की कमजोरी समझा जाए या आधुनिक समाज का काला सच, जो भी हो यह शिवराज सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय है। लोगों को ख़ुशी देने के लिए ‘आनंद’ के बहाने खोजने वाली सरकार को ये आंकड़े मुँह चिढ़ाते लग रहे हैं। अब ऐसे प्रदेश में महिला दिवस मनाने का औचित्य समझ से परे है।​महिलाओं के साथ दुष्कर्म के मामले में मध्य प्रदेश नंबर-1;  शिवराज सरकार की खुली पोल | New India Timesमहिला की सुरक्षा और उनके उद्धार का दावा करने वाली मध्य प्रदेश सरकार की बात और सच्चाई में कितना फर्क है, ये सच्चाई उजागर हो गई है। विधानसभा में कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत के एक सवाल के जवाब में गृहमंत्री भूपेंद्रसिंह ठाकुर का जवाब चौंकाने वाला था। गृहमंत्री के मुताबिक प्रदेश में फरवरी 2016 से जून तक 1868 महिलाएं दुष्कर्म और 108 महिलाएं सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुईं हैं। इनमें 883 बालिग और 985 नाबालिग थीं। जुलाई 2016 से अब तक 2411 महिलाओं के साथ दुष्कर्म, 140 के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ। इस अवधि में दुष्कर्म के 2400 और सामूहिक दुष्कर्म के 137 मामले दर्ज हुए। दुष्कर्म का शिकार बनीं

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