पुलिस प्रशासन एवं समाज के संयुक्त प्रयास से चल रही 'आपणी पाठशाला' के कार्यों की पुलिस अधीक्षक ने की सराहना, मेघावी छात्रों को झुग्गी में रोशनी के लिए बांटी लाइटें | New India Times

दिनेश सैनी, चूरू (राजस्थान), NIT:

पुलिस प्रशासन एवं समाज के संयुक्त प्रयास से चल रही 'आपणी पाठशाला' के कार्यों की पुलिस अधीक्षक ने की सराहना, मेघावी छात्रों को झुग्गी में रोशनी के लिए बांटी लाइटें | New India Times

स्थानीय जिला मुख्यालय पर पुलिस प्रशासन एवं समाज के संयुक्त प्रयास से चल रही आपणी पाठशाला के सभी सदस्यों से मिलकर पुलिस अधीक्षक यादराम फांसल ने आपणी पाठशाला के प्रांगण में ही बैठक आयोजित की और जिम्मेदारों के कार्यो की सराहना की।

आपणी पाठशाला के सिपाही धर्मवीर जाखड़ ने संवाददाता को बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य झुग्गी झोपडि़यों में पढ़ रहे बच्चों के अलावा अन्य बच्चाें को जो स्कूल से काफी दूरी पर स्थित हैं जो परिस्थितिवश शिक्षा से दूरी बनाकर भिक्षावृति में लिप्त हो चुके हैं उन बच्चों को समझाइश के जरिये शिक्षा के महत्व से अवगत करवाकर आपणी पाठशाला में जोड़ने पर बल देना था। इसके अलावा इस बैठक में पाठशाला के बच्चों को खेलकूद व अन्य ऐथिलिट क्रियाओं हेतु समूचित व्यवस्था करने हेतु विचार विमर्श भी किया गया।

पुलिस प्रशासन एवं समाज के संयुक्त प्रयास से चल रही 'आपणी पाठशाला' के कार्यों की पुलिस अधीक्षक ने की सराहना, मेघावी छात्रों को झुग्गी में रोशनी के लिए बांटी लाइटें | New India Timesपुलिस प्रशासन एवं समाज के इस संयुक्त प्रयास को और अधिक प्रभावशाली बनाने हेतु भामाशाह सीताराम आसेरी ने स्वेच्छा से एक कमरे के योगदान की बात पुलिस अधीक्षक यादराम फांसल के सामने रखी। इस बाबत आवश्यक प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी कर पाठशाला हेतु भवन निर्माण की स्वीकृति पर विचार विमर्श किया गया।
रिटायर्ड प्रो हनुमान इसराण ने पाठशाला के शुरूआती दिनों के कड़े संघर्ष को विस्तार से बताया और कहा कि यह पाठशाला अब धीरे धीरे समाज के हर वर्ग की समस्याओं व पीड़ा से ग्रसित लोगों की मदद के लिए सर्वोतम प्रयास कर रही है। जिसमें ताजा ही राकेश जांगिड़ राणासर की विदेश की जेल से घर वापसी की मुहिम, पंजाब के फजिल्का के राजेन्द्र सहारण के 10 वर्षो से बेड में बिताने वालों की सुध लेना, हार्ट के मरिज प्रहलाद को नया जीवनदान जैसी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
राजेन्द्र कुमार ढाका ने बताया कि इस पाठशाला के इन बच्चों के जुड़ने के बाद भिक्षावृति, बालश्रम व बाल अपराध जैसे मामले रूक से गये हैं। प्रदीप पुनिया ने भी बच्चों को ऐथेलिक्टस जैसी प्रक्रियाओं में शामिल करने पर जोर दिया।

पुलिस अधीक्षक यादराम फांसल ने सभी समाज से जूड़े लोगों की व पुलिस प्रशासन की पहल को सरहानिय बताया और अपने स्तर पर हर सम्भव सहायता व सहयोग करने की बात कही। अन्त में कक्षा में प्रथम रहे मेघावी छात्रों को लाइट बांटकर उनका उत्साहवर्धन किया।
इस मौके पर लाइन पुलिस मेजर, नरेश अग्रवाल, प्रदीप पुनियां, सीताराम आसेरी, राजेन्द्र कुमार ढाका, धर्मवीर जांखड़, दिनेश सैनी, सुमित गुर्जर, महिला कॉनिस्टेबल गीता व विकास खीचड़, दीपक सहारण, मुकेश मील, ओमप्रकाश मील, मेहुल शर्मा, नितीन बजाज, अध्यापकिा राजकुमारी शर्मा, साजिद तुगलक आदि मौजूद रहे।

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