फराज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ बहराइच (यूपी), NIT:

बहराइच जिला व आसपास में पिछले तीन दिनों से रिमझिम बरसात जारी है जिससे पारा गिर गया है और गलन बढ़ गयी है। वहीं लगातार हो रही बारिश से जगह-जगह जलभराव होने से भी लोगों को खासा दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। बुधवार से शुरू हूई बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। दो दिनों में अब तक 20 मिली मीटर बारिश हो चुकी है। गुरुवार को सुबह से ही पछुआ हवाओं के झोकों के साथ रुक-रुककर बारिश हुई जिसके चलते बीते दिन न्यूनतम पारा एक डिग्री लुढ़क कर छह व अधिकतम पारा सोलह डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शुक्रवार को भी बारिश का सितम जारी रहा और सुबह से ही तेज गड़गड़ाहट के साथ जिले के कैसरगंज, पयागपुर व विशेश्वरगंज, बेगमपुर सहित कई इलाकों में बारिश के साथ लगभग आधा घंटे तक ओले गिरे जिसके बाद सड़कों गलियों और खेतों में बर्फ की सफेद चादर बिछी हूई दिखी। शुक्रवार दोपहर तक अधिकतम तापमान 21 व न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश के चलते निचले इलाकों में जगह-जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गयी जिससे आमजन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश से गेहूं, अरहर, चना, मसूर को लाभ मिलेगा लेकिन जिन इलाकों में अधिक बारिश हुई है वहां सरसों और आलू को भारी नुकसान हो सकता है। वहीं ओला गिरने से खेतों में लगे सरसों के फूल गिर गये जिसने सरसों किसानों की चिंता बढा दी है। वहीं सब्जियों पर भी बारिश का असर देखने को मिला। मौसम विशेषज्ञों की मानें जनपद में अगले चौबीस घण्टे तक आसमान में घने बादल छाये रहेंगे और रुक-रुककर बारिश होती रहेगी जिससे जिले का तापमान अभी और नीचे गिरने की सम्भावनाएं हैं।
