फराज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ बहराइच (यूपी), NIT:

भले ही सदी के महानायक अमिताभ बच्चन टीबी रोग के ब्रांड अम्बेसडर रहे हों, भले ही सरकार लोगो को टीबी के इलाज और समय रहते जागरूक करने के लिए करोड़ो रूपये खर्च कर रही हो और अस्पतालों में टीबी का मुफ्त इलाज और मुफ्त दवाएं मौजूद होने की बात करती हो लेकिन उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में सरकारी अस्पतालों में टीबी के मरीज़ों को दवाएँ और जांच के लिए डॉक्टर्स प्राइवेट दुकानों पर भेजते है ,इन मरीज़ों की ना तो जांच मुफ्त होती है और ना दवाएं ही मुफ्त मिलती है।

ये हम नही कह रहे, ये कहना है खुद एक टीबी के मरीज़ संतोष का जिसको हर बार बहराइच के सरकारी अस्पताल के dr AK वर्मा दवाएं और जांच बाहर से लिख देते थे ,बार बार बाहर से दवाएं लेने में असमर्थ संतोष ने बहराइच जिला अधिकारी से इस बात की शिकायत की तब जा कर मामला सामने आया, मरीज़ की शिकायत पर जिलाधिकारी बहराइच ने SDM सदर के साथ एक जांच टीम को जांच करने के निर्देश दिए, जांच टीम ने मेडिकल स्टोर और अस्पताल में जाकर छापे मारी की ,जांच टीम को dr ने मरीज़ की रिकवेस्ट पर बाहर की दवाएं लिखने की बात कहीं। अब देखना ये है कि जांच कहा तक जाती है सरकार के सख्त निर्देश के बाद भी क्या बाहर से दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों पर कोई कार्यवाही होती है या फिर वही एक जांच एक फ़ाइल और फाइलों पर सालों की धूल….
