नागपुर के प्रख्यात वरिष्ठ लेखक तथा सामाजिक समरसता में अग्रणी भूमिका निभाने वाले मुकुंद नानिवाडेकर का हुआ निधन | New India Times

विजय डोंगरे, नागपुर (महाराष्ट्र), NIT:

नागपुर के प्रख्यात वरिष्ठ लेखक तथा सामाजिक समरसता में अग्रणी भूमिका निभाने वाले मुकुंद नानिवाडेकर का हुआ निधन | New India Times

नागपुर के प्रख्यात वरिष्ठ लेखक तथा सामाजिक समरसता में अग्रणी भूमिका निभाने वाले मुकुंद नानिवाडेकर का मंगलवार-बुधवार की देर रात नागपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया, वे 80 वर्ष के थे. बुधवार की सुबह 11 बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया।

मुकुंद नानिवाडेकर रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया से सेवानिवृत्त अधिकारी थे तथा सीताबर्डी स्थित राजाराम सीताराम दिक्षित वाचनालय के सचिव और संस्कृत के विचारवंत वरिष्ठ लेखक थे। उन्होंने ने दैनिक तरुण भारत में धार्मिक, सामाजिक परिवर्तन के अनेकानेक विषयों पर लेख लिखे हैं। श्रृंखला में दैनिक तरुण भारत में छोटे उस्ताद संस्करण में देश के विभिन्न स्थानों के मंदिरों की महिमा का बखान किया है। उन्हें संस्कृत भाषा पर प्रभुत्व प्रभाव हासिल था। इसी तरह से विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए उन्होंने प्रेरित करने विभिन्न क्षेत्रों में व्याख्यान और जन जागरण किया उनके निधन से एक वरिष्ठ विचारवंत विद्वान और विद्यार्थियों में वाचन प्रेरणा का जनक के खो जाने की प्रतिक्रिया नागरिकों ने व्यक्त की है।

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