फराज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ बहराइच (यूपी), NIT:

बाढ़ एवं कटान पीडि़तों, जनहित के मुद्दों पर आन्दोलन कर आवाज उठाने वाले बहराइच विकास मंच अध्यक्ष राजेश त्रिपाठी इस दुनिया में नहीं रहे। रविवार अपराह्न अपने आवास मो. किला पर अंतिम सांस ली। शाम को त्रिमुहानी घाट पर वैदिक रीति रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र हर्षित त्रिपाठी ने उन्हें मुखाग्नि दी। गौरतलब हो कि राजेश त्रिपाठी छात्र जीवन से ही आन्दोलन कर शोषितों व दबे कुचलों व जनहित के मुद्दों को लेकर संघर्षशील रहे। बाद में उन्होंने बहराइच विकास मंच का गठन किया तथा मंच के माध्यम से चाहे वह जनहित के मुद्दे हो अथवा बाढ़ एवं कटान पीडि़तों के हक की आवाज उठाने के लिए आन्दोलन हो वे कभी पीछे नहीं रहे। महापुरूषों की जयंती हो अथवा पुण्यतिथि या सामाजिक सरोकार का कोई अन्य मुद्दा। वे हमेशा आगे रहते थे। निधन से पूर्व रविवार को भी पूर्व मंत्री ठा.हुकुम सिंह की पुण्यतिथि मनाने का उनका कार्यक्रम निर्धारित था। जिसके चलते उन्होंने अपने कई शुभचिन्तकों को फोन कर कार्यक्रम में आने का निमंत्रण भी दे दिया था पर थोड़ी देर बाद शुभचिन्तकों को उनके निधन की खबर मिली जिस पर सभी हतप्रभ रह गए। वह मधुमेह रोग से पीडि़त थे। बीते एक वर्ष पूर्व उन्हें इलाज के लिए कानपुर के निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया थ। जिसके बाद वह स्वस्थ भी हो गए थे। वह सक्रिय रूप से जनहित व सामाजिक सरोकार के मुद्दों से जुड़ गये थे। रविवार दोपहर अचानक उनकों दिल का दौरा पड़ने से आवास पर ही निधन हो गया। ज्ञातव्य हो कि वे समाजवादी पार्टी से भी जुड़े रहे। अंतिम संस्कार के समय पूर्व विधायक रामतेज यादव, पूर्व विधायक शब्बीर अहमद बाल्मीकि, चहलारी नरेश उत्तराधिकारी आदित्यभान सिंह, सेनानी परिषद महामंत्री रमेश मिश्रा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष चन्द्रशेखर आजाद, कांग्रेस महासचिव विनय सिंह, मुकुन्द जी शुक्ला शेरा, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी एडवोकेट, सपा नेता अब्दुल मन्नान, शिवनंदन तिवारी, पुण्डरीक पाण्डेय, कुलदीप यादव, लड्डन नेता सहित भारी संख्या में उनके शुभचिन्तकों सहित मित्रगण व रिश्तेदार मौजूद रहे। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार पूर्वाहन 1 बजे सेनानी भवन सभागार में उनके निधन पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है।
