मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

मौत कब और कैसे और कहां और किसको अपनी आग़ोश में लेले, इस पर सोचा भी नहीं जा सकता है, इस का एक जीवंत उदाहरण देखने को मिला है। भैया (45) पिता फिरोज बारबर, निवासी डाउद पूरा बुरहानपुर ट्रेन के माध्यम से बुरहानपुर से खंडवा जा रहा था। ट्रेन में नींद लगी और वह खंडवा पार होगया। खंडवा स्टेशन पार होने के बाद नींद खुलने पर जब ट्रेन में बैठे यात्रियों से उक्त भैया नामक व्यक्ति ने पूछा कि खंडवा स्टेशन आया क्या? जब यात्रियों ने कहा खंडवा स्टेशन चला गया तो नींद के झोंके में घबराकर चलती ट्रेन से वह कूद गया जिस की वजह से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। खंडवा जीआरपी पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करके लाश परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
