पीयूष मिश्रा, सिवनी ( मप्र ), NIT; 
विगत कुछ दिन पूर्व नगर घंसौर के बदलते हुये परिदृष्य को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत के प्रभारी सरपंच पंडित आशीष मिश्रा द्वारा 13 जनवरी को अनुविभागीय दंडाधिकारी को ज्ञापन दिया गया था की घंसौर स्टेट बैंक के सामने अतिक्रमण के चलते कुलिया के जैसा रास्ता बचा हुआ है। आवागमन सुविधाओं को ध्यान देते हुये ,तत्काल अतिक्रमण हटाने को कहा गया। हवाला देते हुये बताया गया है की रेल्वे द्वारा परिवर्तन कार्य के तहत बड़े जैन मंदिर के सामने समपार फाटक को बंद करना तय है। अतः नगर में प्रवेश करने हेतु एक मात्र यही रास्ता बचा है ,जिससे वाहनों के आवागमन सहित पैदल आना जाना तय है। अतिक्रमण की चपेट में होने के कारण निकट भविष्य में सामूदायिक स्वस्थ्य केंद्र ,थाना ,मुख्य पहुंच मार्ग हेतू एक यही रास्ता है। नगर में आपातकाल स्थित में दमकल वाहन, ऐंबुलेंस एवं अन्य बड़े छोटे वाहनों के लिए यही रास्ता है। अगर अतिक्रमण तत्काल नहीं हटाया जाता है तो भारी समस्याओं का सामना जनमानस को करना ही पड़ेगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुविभागीय दंडाधिकारी द्वारा तत्काल अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही हेतु ,आदेश दिया गया था। घंसौर तहसीलदार राकेश चौरसिया द्वारा स्थल निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है। आर आई पटवारी के द्वारा जांच प्रतिवेदन, 11 अतिक्रमणकारियों के नाम आये हैं।
तहसीलदार द्वारा कहा गया है कि उक्त भूमि जनपद पंचायत की हैं। मेरे द्वारा जांच प्रतिवेदन के सहित अतिक्रमणकारियों के नाम सीओ जनपद पंचायत को अतिक्रमण हटाने हेतु भेज दिये गये हैं। जनपद सीओ द्वारा जिस दिन अतिक्रमण हटाया जायेगा मैं उपस्थित हो जाऊंगा। सीओ जनपद पंचायत द्वारा 48 घंटे के अंदर अतिक्रमण हटाने हेतु नोटिस दिया गया था, परंतु हफ्तों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस के तस बनी हुई है। सीओ महोदय से चर्चा के दौरान जानकारी प्राप्त हुई है की अशोक कुमार जैन द्वारा स्टे ले लिया गया है। सोचने वाली बात यह है कि अधिकारीयों द्वारा शेष अतिक्रमणकारियों का अतिक्रमण क्यों नहीं हटाया जा रहा है। अतिक्रमण की कार्यवाही में प्रशासन की उदासीनता दिखाई दे रही है।
