वनकर्मियों पर हमला करने वाले 10 भेड़पाल आरोपी गिरफ्तार, ज्ञानगंगा अभ्यारण्य में घटी थी घटना | New India Times

कासिम खलील, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT;

वनकर्मियों पर हमला करने वाले 10 भेड़पाल आरोपी गिरफ्तार, ज्ञानगंगा अभ्यारण्य में घटी थी घटना | New India Times​ज्ञानगंगा अभयारण्य में अवैध रुप से भेड, बकरियां चराने वाले भेड पालकों पर कारवाई करने गए वन्यजीव विभाग के कर्मियों पर भेड पालकों ने 7 जुलाई की शाम हमला कर दिया था जिसमें तीन कर्मी गंभीर रुप से घायल हो गए थे, इस मामले में पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जिन्हें आज कोर्ट ने जेल भेजने का आदेश दिया है.

मिली  जानकारी के अनुसार ज्ञानगंगा अभयारण्य की खामगांव रेंज के आरएफओ संतोष गणपत डांगे को गुप्त जानकारी मिली थी की, मोताला तहसील अंतर्गत के निमखेड परिक्षेत्र में आरक्षित जंगल में कुछ धनगर समाज के लोग अवैध रुप से अपनी भेडे चरा रहे है पश्चात वन्यजीव विभाग के अधिकारी व कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे जहापर कंम्पार्टमेंट क्रमांक 300, 301 में 20 से 25 लोग तीन से चार हजार भेड बकरियां चराते हुए नजर आए. वनकर्मियों ने 100 से 150 भेडे तथा भेडपाल रमेश दगडू शिंगाडे को पकडा. सभी भेड पंचनामा कर सरकारी वाहन में डाले जा रहे थे। 30 से 40 लोग हाथों में लाठीयां लेकर पहुंचे और गाली गलौज करते हुए वनकर्मियों पर हमला कर दिया, हमले में महिला वनरक्षक कविता नाना जामूनकर, वैशाली मिरासे तथा वनमजदूर प्रेमदास रामदास राठोड जख्मी हो गए. पश्चात हमलावरों ने शासकिय वाहन से भेड बकरियां उतारी और रमेश शिंगाडे को वनकर्मियों से छुडाकर अपने साथ ले गए. इस घटना की शिकायत आरएफओ संतोष डांगे ने बोराखेडी पुलिस में दर्ज कराई थी. बाद में पता चला की घटनास्थल बोराखेडी पुलिस थाने की हद में नही बल्की पिपलगांव राजा पुलिस थाने की हद में है. इस अपराध को शुन्य से पिपलगांवराजा पुलिस थाने में अधिक जांच के लिए भेज दिया गया. पिपलगांवराजा थानेदार निखिल फटींग हेड कॉन्टेबल विजय मिरगे, सुनील जाधव, विशाल गवई, संदीप डाबेराव ने इस मामले में आरोपी चीमा रामा कारंडे, तुलसीराम उमा तेदे, ज्ञानदेव उर्फ नानादेवराव वाघमोडे तीनों निवासी इसलवाडी, रमेश दगडू शिंगाडे, उमा दामा केसकर, चंदन भीवा मारकड, नारायण गजानन शिंदे, नाना रामभाउ शिंगाडे सभी निवासी पिपलगांवनाथ, पंढरी रामा गोरे निवासी निमखेड तथा तानाजी उर्फ बला वामन बिचकुले निवासी धामणगांव देशमुख को आज 17 जुलाई को गिरप्तार कर सभी आरोपियों को खामगांव न्यायालय में पेश किया गया जहां न्यायालय ने सभी आरोपियों की जेल में रवानगी कर दी है।​भषभछस
वनकर्मियों पर हमला करने वाले 10 भेड़पाल आरोपी गिरफ्तार, ज्ञानगंगा अभ्यारण्य में घटी थी घटना | New India Timesज्ञानगंगा अभयारण्य आरक्षीत वन है। यहां पर मवेशी, भेड – बकरियां चराना कानूनन अपराध है। अभयारण्य से सटे ग्रामों के लोग अपने मवेशी वन्यजीव विभाग से छुपकर चराते हैं जिससे वन संपदा को हानि पहुंचती है। वन की सुरक्षा को देखते हुए वन्य जीव विभाग अमरावती सीसीएफ एम.एस. रेड्डी ने अवैध रुप से हो रही वन चराई को रोकने के लिए मेलघाट से विशेष दल को ज्ञानगंगा अभयारण्य में तैनात किया हुआ है. पिछले साल विशेष दल और वन्यजीव कर्मियों की दक्षता के कारण 80 प्रतिशत ज्ञानगंगा अभयारण्य में हानेवाली अवैध चराई पर अंकुश लगा था।

अभयारण्य से सटे ग्रामस्थों का कर्तव्य है की वो, अपने मवेशी अभयारण्य में चराने के लिए ना ले जाएं। यदि कोई पशुपालक इस वन अधिनियम का उल्लंघन ओकरता हुआ पकडा गया तो उस पर कानूनी कारवाई की जाएगी:  संतोष जी. डांगे,  आरएफओ वन्यजीव विभाग खामगांव।

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