पूर्व मुस्लिम अधिकारियों का झुकाव भी सियासी पारी खेलने की तरफ, हबीब खान, तारिक आलम व अशफाक हुसैन को मिल सकता है मौका | New India Times

अशफाक कायमखानी, जयपुर (राजस्थान), NIT; पूर्व मुस्लिम अधिकारियों का झुकाव भी सियासी पारी खेलने की तरफ, हबीब खान, तारिक आलम व अशफाक हुसैन को मिल सकता है मौका | New India Timesराजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमेन रहे मरहूम जे एम खान IAS के नागोर से लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद से ही मुस्लिम अधिकारी भी सेवानिवृत्ति के बाद सियासी अखाड़े में कूदकर अपनी पसंद के दल से टिकट पाकर जनप्रतिनिधि बनने की कोशिशें करते रहे हैं, जिनमें सवाईमाधोपुर के अलाहद्दीन आजाद RAS का पहले मदरसा बोर्ड चेयरमेन बनना एवं फिर विधायक बनना एक सफल उदाहरण है। आजाद के अलावा मरहूम जे एम खान IAS ने नागोर से लोकसभा का चुनाव लड़ा था लेकिन वो जीत नहीं पाये थे।​

पूर्व मुस्लिम अधिकारियों का झुकाव भी सियासी पारी खेलने की तरफ, हबीब खान, तारिक आलम व अशफाक हुसैन को मिल सकता है मौका | New India Timesहालांकि पुलिस सेवा के आईजी पद से रिटायर सीनियर अधिकारी लियाकत अली खां व मुराद अली अब्रा के टिकट का जूगड़ बैठने के भरसक प्रयत्न करने के बावजूद उन्हें अभी तक किसी दल का टिकट तो नही मिला लेकिन अशोक गहलोत सरकार में लियाकत अली राजस्थान वक्फ बोर्ड चेयरमेन बनने मे कामयाब रहे है। इनके अलावा एम एस खान IAS व ऐ आर खान IAS के सेवानिवृत्त होने के बाद से वो सियासत में दखल तो खासा रखते हैं लेकिन उनको टिकट पाने की दौड़ मे दौड़ लगाते नहीं देखा जा रहा है।​पूर्व मुस्लिम अधिकारियों का झुकाव भी सियासी पारी खेलने की तरफ, हबीब खान, तारिक आलम व अशफाक हुसैन को मिल सकता है मौका | New India Timesराजस्थान में चार महिने बाद होने वाले आम विधानसभा सभा चुनाव में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी रहे मोहम्मद तारिक आलम IPS व हबीब खाॅ गोरान IPS के चुनाव लड़ने की सम्भावना जताई जा रही है। मोहम्मद तारिक आलम के पिता मरहुम मंजूर आलम प्रदेश के नामी ऐडवोकेट व मुस्लिम लीग के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। जबकि हबीब खान स्वयं राजस्थान लोकसेवा आयोग के चेयरमैन रहने के साथ साथ उनके पिता मरहुम भवंरु खाॅ का खिदमत ऐ खल्क करने में बडे नामों की फेहरिस्त में शुमार होता रहा है। उक्त अधिकारियों के अलावा जल्द सेवा निवृत्त होने वाले अशफाक हुसैन IAS का नाम भी चुनाव लड़ने वालों की सूचि में अक्सर चर्चा मे रहता आया है।​पूर्व मुस्लिम अधिकारियों का झुकाव भी सियासी पारी खेलने की तरफ, हबीब खान, तारिक आलम व अशफाक हुसैन को मिल सकता है मौका | New India Timesकुल मिलाकर यह है कि लियाकत अली, मुराद अली अब्रा, अलाऊद्दीन आजाद, तारिक आलम, हबीब खां गोरान व अशफाक हुसैन जैसे रिटायर्ड मुस्लिम IAS व IPS अधिकारियों के अगले चुनाव में टिकट पाकर चुनाव लड़ने वालों की लिस्ट में शुमार होना माना जा रहा है। जबकि निसार अहमद IGP , सरवर खान IGP,  ऐ आर खान IAS व एम एस खान IAS, जस्टिस मोहम्मद असगर अली चोधरी के अलावा जस्टिस भवंरु खाॅ के मिल्ली खिदमात में लगे रहने के बावजूद उनके चुनाव लड़ने की चर्चा होना अभी तक सूनाई नहीं दिया है। जबकि इन अधिकारियों की ऊपरी सियासी हल्कों में अच्छा खासा असर देखा जाता रहा है। समुदाय के दानिशवर लोगों के एक तबके का मानना है कि सरकारी पेचिदगियों से भलीभांति परिचित व अच्छे खासे पढे लिखे लोग सियासत में अगर जाते हैं तो समुदाय के हित में बडा बदलाव नजर आ सकता है।

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