कासिम खलील, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT;
बुलढाणा जिले में एक बार फिर से राशन माफियाओं ने अपनी काली करतूत को अंजाम देना शुरू कर दिया है। गरीब जनता के हक का सस्ते दाम का सरकारी अनाज आपूर्ति विभाग में शामिल अधिकारियों व कर्मियों की मिलीभगत से ही राशन माफियाओं के माध्यम से खुले बाजार में ऊंचे दामों में बेच दिया जाता है। बुलढाणा का पदभार स्वीकारने के बाद एक माह के लंबे अवकाश से लौटते ही अपने काम के पहले ही दिन जिलाधीश डॉ. श्रीमती निरुपमा डांगे ने बुलढाणा की एक राशन दुकान तथा सरकारी अनाज के गोदाम पर पहूंचकर वहां का रिकॉर्ड जांचा जिससे जिले भर के गोदामपाल एंव राशन दुकानदारों में हलचल मच गई है।
बुलढाणा जिलाधीश का पद स्वीकारने के बाद नवनियुक्त जिलाधीश डॉ निरुपमा डांगे एक माह के लंबे अवकाश पर चली गई थी ज ड्यूटी पर रुजू होते ही उन्होंने दोपहर 12 बजे के करीब अपने सहयोगी अतिरिक्त जिलाधीश प्रमोदसिंह दुबे, निवासी उपजिलाधीश ललितकुमार वराडे तथा 1-2 कर्मियों को साथ ले कर सीधा परदेसी पूरा, वार्ड क्र.2 स्थित गणेश अग्रवाल की राशन दुकान पर पहोंची और दुकान का जायज़ा लिया,ज़रूरी ररकोर्ड जांचे,इस दुकान पर अनेक नियमों का उल्लंघन नज़र आया,कुछ कर्मियों को दुकान का पंचनामा करने का आदेश देने के बाद जिलाधीश डॉ निरुपमा डांगे अपने सहयोगी अदिकारियों के साथ सीधे बुलढाणा के सरकारी राशन के गोदाम पर पहोंच गई और वहां के भी रेकॉर्ड को देखा,इस के अलावा गोदाम के अतराफ़ का मुआयना किया.अपने अधिनिस्त अधिकारियों को गोदाम के अनाज की आवक-जावक के हिसाब को जोड़ने के निर्देश दिए.तत्पश्चात अतिरिक्त जिला आपूर्ति अधिकारी रूपेश खंडारे गोदाम का रिकॉर्ड जांचते नज़र आए।
कुल मिलाकर देखा जाए तो जिलाधीश डॉट निरुपमा डांगे ने पहले ही दिन आपूर्ति विभाग को टारगेट किया है जिस से ये पता चलता है कि,श्रीमती डांगे अवकाश पर रहते हुए भी जिले पर नज़र बनाए हुए थी और उन्हें इस बात की भी जानकारी है कि,जिला आपूर्ति विभाग सरकार के नही बल्कि राशन तस्करों के इशारे पर चल रहा है.आज जिलाधीश के स्वयं ही राशन दुकान पर पहोंच कर की गई ईस कार्रवाई की जनता में काफी चर्चा सुनी जा रही है।।
गोदाम में अनेक गड़बड़ी ?
बुलढाणा के सरकारी अनाज के राशन गोदाम पर जिलाधीश के औचक निरीक्षण के बाद पूरे आपूर्ति विभाग में खलबली मच गई है। सूत्रों की माने तो गोदाम के अनाज में बड़ी मात्रा में गडबडी है जिसे निष्पक्षता से जांचने पर बड़ा घोटाला सामने आ सकता है.देखना है अब गोदाम का रिकॉर्ड जांचने वाले अधीकारी कितनी ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाते हैं।
