कासिम खलील, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT;
कक्षा बारहवीं पास होने के बाद मेडिकल क्षेत्र की आगे की पढ़ाई में जाने के लिए छात्रों को NEET परीक्षा से गुजरना पड़ता है। यह परीक्षा पूरे देश में एक ही समय में ली जाती है ताकि कोई गड़बड़ी ना होने पाए। आज हुई इस परीक्षा में नियोजन के आभाव में बुलढाणा के एक परीक्षा केंद्र के छात्रों को मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
बुलढाणा शहर के सहकार विद्या मंदिर में आज करीब 1500 छात्रों की NEET परीक्षा थी, जिनमें करीब 250 उर्दू माध्यम के छात्र भी थे। सभी छात्र निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचे।10 बजे छात्रों को प्रश्न पत्रिका दी गई। उर्दू माध्यम के तकरीबन 100 छात्रों को अन्य भाषा का प्रश्न पत्र थमा दिया गया, यह बात कुछ छात्रों के ध्यान में आने के बाद उन्होंने प्रशासन को बताया जिसके बाद उनसे प्रश्न पत्र वापस ले लिए गए। दूसरे छात्र परीक्षा देने में व्यस्त थे जबकि ये 100 छात्र खाली बैठे हुए अपने भाविष्य के बारे में सोच कर परेशान हो रहे थे। तकरीबन 1 बजे छात्रों को दुबारा उर्दू माध्यम के प्रश्न पत्र दिए गए जो ज़ेरॉक्स कॉपी थे, जिन पर लिखे हुए अक्षर स्पष्ट नज़र नही आ रहे थे, जबकि कुछ अक्षर हस्तलिखित थे जिन्हें समझने में छात्रों का काफी समय बर्बाद हो गया। किसी तरह छात्रों ने मानसिक दबाव में यह परीक्षा दी। 4 बजे पेपर समाप्त होने के बाद छात्रों से प्रश्न पत्र वापस ले लिए गए। इतना ही नहीं छात्रों पर दबाव डालते हुए उनसे एक कोरे कागज पर हस्ताक्षर भी लिए जाने का आरोप कुछ छात्रों ने लगाया है। इधर बाहर खड़े अभिभावक परेशान थे जो परीक्षा मंडल की लापरवाही से नाराज़ दिखाई दे रहे थे। स्कूल के बाहर हंगामा होता देख कर जानकारी मिलते ही एसडीपीओ बी.बी.महामुनि, थानेदार सुनील जाधव भी पुलिस बल के साथ सहकार विद्या मंदिर पर पहुंच गए थे।
इस बड़ी गड़बड़ी के बारे में परीक्षा के नियोजन के लिए दिल्ली से आये सीबीएसई के अधिकारी श्री.गौड़ से बात करने पर उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
आज नीट परीक्षा में छात्रों को प्रश्न पत्रिका बांटते समय हुई गलती मान्य है, हम ने दिल्ली के अधिकारियों के मार्गदर्शन पर छात्रों का नुकसान ना हो इसलिए उन्हें दुबारा उर्दू माध्यम के प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए है, छात्रों का कोई नुकसान नही होगा: डॉ. सुकेश झंवर, संचालक सहकार विद्या मंदिर, बुलढाणा।

We whant Justice for the examine otherwise take ligle action against the examination bord
Children specially girls were so excited for their future but the mismanagement of centre and irresponsibility of CBSE representative not only disturbed but also depressed them ,they are asking what will be their future?
Sab bakwaas hai ye log khuch bhi nahi karne Wale paise le dekar ye baate rafaa dafaa Ho jayegi