मेहलका अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT;
मां ताप्ती के संरक्षण के लिए प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने अमृतम जलम में ताप्ती घाटों के सफाई अभियान अंतर्गत नगर के कई सामाजिक संगठनों के साथ इसका बीड़ा उठाया है। करीब 2 घंटे तक श्रमदान की बूंदों से ताप्ती के राजघाट की सफाई की। लगभग एक ट्रॉली कचरा किनारों से निकाला गया।
गर्मी के मौसम में ताप्ती नदी सूखने की कगार पर आ गई है इससे आसपास के जल स्त्रोतों पर भी असर पड़ा है। जो पानी घाटों पर थमा हुआ है, उसमें इतनी गंदगी और गाद जमा थी, कि कोई भी यहां स्नान नहीं करता है। गंभीर बात यह थी कि पशु भी पानी पीने के लिए तरस रहे थे। एक समाचार पत्र समूह द्वारा चलाए जा रहे अमृतम जलम अभियान के तहत शहरवासियों ने इसकी सफाई का बीड़ा उठाया और दो घंटे लगातार श्रमदान कर राजघाट का हिस्सा पूरा साफ कर दिया।
इस अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस (दीदी) ने भी श्रमदान किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान बहुत ही सराहनीय है। उन्होंने कहा हम लोग तो दिन-रात इस काम में मेहनत करते हैं। महापौर अनिलभाऊ भोसले और निगम अध्यक्ष मनोज तारवाला अपने स्तर पर लगे रहते हैं। इसमें प्रमुख काम है सफाई और पानी। लेकिन हमारे करने से यह काम पूरा नहीं होगा। सफाई का काम हो या निर्माण का भी काम हो समाज को जागरुक होना जरूरी हैं, नहीं तो ईमानदारी से काम नहीं हो सकता। प्रजातंत्र में समाज का जागरूक और तेजस्वी रहना और अखबार का ओजस्वी रहना बहुत जरूरी है। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि सफाई अगर ताप्ती की करना है तो सबसे पहले प्लास्टिक से लड़ाई लड़ना होगी। हमारी पीढ़ियां मर जाएगी, लेकिन प्लास्टिंग जिंदा रहता है। ये सब जनप्रतिनिधियों के अकेले बस की बात नहीं है। चार दिन पहले हमने अंबाड़ा के बांध का एक दरवाजा खुला था, मैंने एक छोड़कर साले खुलवा दिए। कल रात तक पांच किमी तक आ चुके था और आज रात या सुबह तक पानी जैनाबाद तक आ जाएगा। बोरी बंधान भी बनाया गया है। जो मजबूत बैराज की तरह बना दिया। वहां पानी रुककर बुरहानपुर के वाटर लेवल पर असर आएगा। मंत्री ने तुरंत अंबाड़ा का पानी राजघाट तक आने से पहले राजघाट और जैनाबाद के निर्माणाधीन पुल के पास फैली गंदगी को साफ करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
मंत्री श्रीमती चिटनिस ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जमाने में ताप्ती शुद्धीकरण की शुरुआत हुई थी। साथ में चार संपवेल बने थे। करोड़ों रुपए खर्च हुआ। तत्कालीन यहां के प्रभावशाली नेताओं ने ताप्ती शुद्धीकरण के पैसे से दूसरे काम शुरू कराना शुरू कर दिए थे। शायद उनके ठेकेदारी उसी के संबंध में रही होगी और प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का सपना पूरा नहीं हो पाया। अब हमने इसके लिए एक करोड़ रुपए स्वीकृत कराए है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से चर्चा कर उज्जैन के इंजीनियर से भी बात हुई है। चारों सेंपवेल में मोटर डालने के बाद पीएचई उसे दो माह चलाएगा। उसके बाद निगम को हैंडओवर करेगा। यह शुरू होने से पूरा गंदा पानी ताप्ती नदी में न जाते हुए आयुर्वेदिक कॉलेज के पास 6 एमएलटी का तालाब बनाया है। वहां एकत्रित कर इसे साफ किया जाएगा और अन्य उपयोग के लिए छोड़ेंगे।
इस दौरान महापौर अनिल भोंसले, नगर निगमाध्यक्ष मनोज तारवाला, बलराज नावानी, संभाजीराव सगरे, रूद्रेश्वर एंडोले, मुकेशसिंह चौहान, शिवकुमार पासी, सुभाष जाधव, सुभाष मोरे, नयन कापड़िया, राजेन्द्र सलूजा, डाक्टर फौजिया फरहाना सोडावाला, सैय्यदा सुमैरा अली सहित अनेक जनप्रतिनिधि व विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी-सदस्यगण मौजूद रहे।
