अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
विदिशा सागर हाइवे पर कस्बा बागरोद के पास दो कारों के बीच हुई जबरदस्त टक्कर से दोनों कारों में आग लग गई जिससे मौके पर ही पांच लोगों की मौत हो गई जबकि चार लोगों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया।
घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए एक कार में सवार एक महिला सहित चार लोगों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाल लिया था, लेकिन दूसरी कार में सवार लोगों की तब तक जलकर मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार विदिशा-सागर हाइवे पर रविवार की रात लगभग आठ बजे ग्राम कस्बा बागरोद के पास एक हुंडई की मैग्ना कार क्रमांक एमपी 04 सीएम 1993 और मारूति अल्टो कार क्रमांक एमपी 04 सीपी 0490 की आपस में भिड़ंत हो गई। इस टक्कर के तुरंत बाद दोनों कारों में अचानक भीषण आग लग गई और कार में सवार पांच लोगों की जलकर मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रमीणों ने तुरंत इसकी सूचना त्योंदा पुलिस और दमकल को दे दी थी। एक कार में बेहोश हो चुकी एक महिला सहित तीन लोगों को बाहर निकाला गया जो आग से झुलस गए थे।
मौके पर पहुंची पुलिस ने इन चारों घायलों को डायल 100 की मदद से राहतगढ़ पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें सागर रेफर कर दिया। त्योंदा थाने के एएसआई चंद्रभान सिंह राजपूत ने मीडिया को बताया कि यह चारों घायल कार क्रमांक एमपी 04 सीएम 1993 में सवार थे और संभवत: सागर से भोपाल की ओर जा रहे थे। पुलिस के अनुसार यह कार भोपाल के जहांगीराबाद निवासी सुल्तान यासीन पुत्र मोहम्मद यासीन के नाम से रजिस्टर्ड है।
अल्टो कार नारियलखेड़ा के रामदयाल प्रजापति के नाम दर्ज
उधर दूसरी अल्टो कार क्रमांक एमपी 04 सीपी 0490 में सवार लोगों को बचाने का प्रयास करने के पहले ही कार में सवार पांच लोगों की जलकर मौत हो चुकी थी और कार में भीषण आग लगी हुई थी। एमपी ट्रांसपोर्ट की वेबसाइट पर यह कार भोपाल के पास नारियलखेड़ा के शारदा नगर बी-ब्लाक निवासी रामदयाल प्रजापति पुत्र भूरेलाल प्रजापति के नाम से दर्ज है।
दो घंटे बाद नगर से पहुंची दमकल ने बुझाई आग
दूसरी ओर नगर सहित आसपास की दमकलों को सूचना दिए जाने के बाद भी करीब दो घंटे तक कोई दमकल नहीं पहुंची। बाद में नगर से पहुंची दमकल की मदद से दोनों कारों में लगी आग को बुझाया गया और उसके बाद कार में जले पड़े शवों की पड़ताल की जा सकी। एएसआई श्री राजपूत के अनुसार इस कार में दो पुस्र्ष, दो महिलाओं और एक बच्चे का शव था। संभवत: ये सभी भोपाल से सागर की ओर जा रहे थे।
