पीयूष मिश्रा/अश्विनी मिश्रा,भोपाल /सिवनी (मप्र), NIT
मध्य प्रदेश सरकार के मुखिया शिवराज सिंह के द्वारा 19 दिसंबर से 22 जनवरी 2018 तक आदि जगद्गुरू शंकराचार्य जी के नाम पर एकात्म यात्रा भारी तामझाम और प्रदेश की प्रशासनिक और शासकीय मशीनरी का दुरुपयोग करते हुए करोड़ों रुपए खर्च कर निकाली गई थी, लेकिन वही मध्य प्रदेश सरकार अब उन्हीं आदि जगद्गुरू शंकराचार्य जयंती को ही भूल गई है। आज पूरे प्रदेश सहित सिवनी जिले भर में कहीं पर भी मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा आदि जगद्गुरू शंकराचार्य की जयंती नहीं मनाए जाने के समाचार प्राप्त हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा लगभग 2 माह पूर्व 19 दिसंबर से 22 जनवरी 2018 तक एकात्म यात्रा अमरकंटक से प्रारंभ की गई थी जो ओमकारेश्वर में समाप्त हुई थी और इसी स्थान पर आदि जगद्गुरू शंकराचार्य जी की 108 फीट ऊंची अष्टधातु की प्रतिमा का भूमि पूजन भी प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान और उनके मंत्री परिषद की फौज सहित सांसद विधायकों के भारी जमावड़ा के बीच संपन्न हुआ था।
इतिहास से छेड़छाड़ और भ्रष्टाचार का लगा था आरोप
एकात्म यात्रा को लेकर मध्य प्रदेश सरकार के ऊपर इतिहास से छेड़छाड़ करने के भी आरोप लगातार लगते रहे हैं। विपक्षी दलों सहित अन्य दलों ने तो इस एकात्म यात्रा को भाजपा प्रचार यात्रा कहकर भी संबोधित किया था और इस यात्रा को मैनेज करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद को करोड़ों रुपए की भारी भरकम राशि दी गई थी और इस पूरी राशि में भी व्यापक तौर पर भ्रष्टाचार के आरोप भी मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के ऊपर लग चुके हैं, यही नहीं इस एकात्म यात्रा के खर्च और प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग को लेकर विधानसभा में भी कई बार हंगामा भी खड़ा हुआ था।
एकात्म यात्रा के समापन को लगभग 2 माह बीतने के बाद मध्य प्रदेश सरकार आज आदि जगद्गुरू शंकराचार्य जी की जयंती को ही भूल गई है। ज्ञात हो कि आज से करीब ढाई हजार वर्ष पहले वैशाख शुक्ल पंचमी को उनका अवतरण हुआ था। हिंदू धर्म की ध्वजा को देश के चारों कोनों में फहराने वाले और भगवान शिव के अवतार आदि जगद्गुरु शंकराचार्य की जयंती इस बार 20 अप्रैल को है लेकिन मध्य प्रदेश सरकार आज उनकी जयंती ही भूल गई और प्रदेश सहित सिवनी जिले भर में किसी तरह की कोई आयोजन नहीं हो पाए हैं।
