वी.के.त्रिवेदी, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT;
शहर की सड़कों पर दिनों दिन बढ़ता जा रहा अतिक्रमण शहर के लिए नासूर बन चुका है। नगर पालिका के साथ संयुक्त रूप से किए गए जिला प्रशासन के प्रयास जहां रस्म अदायगी भर साबित हुए है वहीं सड़कों पर दूर तक फैलते इस अतिक्रमण ने शहर में जगह-जगह जाम की भी समस्या पैदा कर दी है। नगर पालिका के पार्किंग बनवाने व यातायात सुगम करने के वादे भी हवा हवाई ही साबित हुए हैं। सड़कों के दोनों तरफ आधी दूर तक फैले अतिक्रमण में कहीं दुकानों का सामान तो कहीं बीच बाजार में बेतरतीब खड़े वाहन लोगों के लिए दुश्वारियां पैदा कर रहे हैं। सुबह दफ्तर की जल्दी हो, स्कूल जाना हो, मरीजों को अस्पताल जाना हो या फिर व्यापारियों को अपने काम पर सड़कों के दोनों तरफ आधी-आधी दूर तक फैले अतिक्रमण से बचकर यदि आप निकल गए तो जाम में फंसना आपकी मजबूरी है। हीरालाल धर्मशाला से सदर चौराहा होते हुए हमदर्द तिराहा फिर वहां से विलोबी हाल जाने वाले मार्ग पर जबरदस्त अतिक्रमण है। हालात यह है कि करीब 15 फिट चौड़ी सड़क पर महज सात या आठ फिट की ही जगह है जिस पर लोगों का पैदल, दुपहिया, तिपहिया या फिर चार पहिया वाहनों से निकलना होता है, लेकिन कई बार जाम में फंसने पर इस सड़क पर भी लोगों को घंटों लग जाते हैं। इसका प्रमु कारण सड़कों के दोनों तरफ फैला अतिक्रमण है। इसमें यदि स्थाई अतिक्रमण की बात करें तो पक्की दुकानों के छज्जों ने नालों तक को ढक रखा है। जिससे नगर पालिका को सफाई कराने में दिक्कत होती है। इसके अलावा व्यापारियों द्वारा अपनी दुकानों का सामान तक सड़क पर लगा दिए जाने से भी लोगों को दिक्कतें होती हैं। आधी दूर तक घिरी सड़क से कई बार दुपहिया वाहनों को भी आवागमन में दिक्कतें होती हैं।नगर पालिका परिषद ने ओवरब्रिज निर्माण के बाद पुल के नीचे स्थाई रूप से पार्किंग की जो व्यवस्था की थी वह भी अतिक्रमण रोकने में काम नहीं आ सकी। सदर बाजार में दूकानों के सामने खड़े वाहन बराबर लोगों की परेशानी का सबब आज भी बने हुए हैं। सुनहरी मस्जिद के पास से इलाहाबाद बैंक तक पूरी सड़क न केवल जबरदस्त अतिक्रमण का शिकार है बल्कि कई बार यहां खड़े भारी वाहन भी लोगों के लिए दिक्कत बन जाते हैं।
अतिक्रमण का सर्वाधिक शिकार सदर चौराहे से संकटा देवी चौराहे जाने वाला वह मार्ग है। जिस पर गल्ला मंडी पड़ती है यहां भी दुकानदारों ने अपनी दुकानों के सामान बाहर तक लगा रखे हैं।जिससे कई बार बाईक सवार,साइकिल सवार या रिक्शे वालों के भी फंस जाने से लोगों को चोट लग जाती है। नालों व सड़कों पर किए गए इस अतिक्रमण के हटवाने के प्रयास नगरपालिका ने कई बार किए पर हर बार ये अभियान चार दिन की चांदनी के बाद फिर अंधेरा पाख ही साबित हुए।
यह है सर्वाधिक जाम प्रभावित क्षेत्र…..
शहर के सर्वाधिक जाम क्षेत्रों में तहसील गेट से सदर चौराहे के हनुमान मंदिर तक, सदर चौराहे के आगे कन्हैया लाल मंदिर हमदर्द तिराहे तक, खुशवक्तराय मार्केट से सुनहरी मस्जिद के आगे तक जबरदस्त जाम रहता है। वहीं सदर चौराहे से खोया मंडी होते हुए गल्ला मंडी व संकटा देवी चौराहे तक जाने वाला मार्ग अतिक्रमण के कारण जाम प्रभावित रहता है। उधर जिला अस्पताल रोड व बस स्टेशन रोड भी जाम से प्रभावित रहती है।वही संकटा देवी से मेला मैदान रोड पूरे दिन जाम के झाम से जूझती है।
शहर में जाम की समस्या को समाप्त करने के लिए लगातार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है यदि कहीं पर अतिक्रमण की शिकायत मिलती है तो आवश्यक कार्यवाही की जायेगी: अखिलेश त्रिपाठी ईओ नगर पालिका परिषद लखीमपुर खीरी
जाम की समस्या को समाप्त करने के लिए लगातार अभियान चलाया जाता है ट्रैफिक पुलिस स्टाफ की कमी के चलते होमगार्डों के सहारे यातायात व्यावस्था चलाई जा रही है।
