संदीप शुकला/ अविनाश द्विवेदी, खंडवा (मप्र), NIT;
फिर वही रविवार की सुबह फिर वही साईकिल। कुछ भी नही बदला साहब, बदला है तो सिर्फ और सिर्फ मौसम का मिजाज। जाड़े की धूप जहां गुदगुदाया करती थी, वहीं बैशाख माह की चुभने वाली धूप अब सितम ढाह रही है। सूरज के तीखे तेवर देखकर ऐसा लग रहा है मानो वह धरती को जलाकर राख करने पर आमादा है। प्यासी धरती पर विचरण करने वाले प्राणी सूरज से लोहा लेने के लिए ठंडी छांव और ठंडे पानी के लिए भटक रहे हैं।
ऐसे में फिर वही नई ऊर्जा और नए संदेश के साथ खंडवा के पुलिस कप्तान नवनीत भसीन खंडवा से पंधाना तक 30 किमी साईकिल चलाकर पहुंचे। इस बार उनका संदेश साफ था। 30 किमी की इस यात्रा में पुलिस कप्तान ने कई जगह रूककर लोगों से जनसंवाद किया और हेलमेट जागरूकता का संदेश दिया। कप्तान के साथ चलने वालों के पेशानी पर तेज धूप के कारण थकावट साफ दिख रहा था, लेकिन उनके चेहरे पर जरा भी शिकन नही थी। एक्सिडेंटल प्वाइंट के रूप में चिन्हित डुलहार पर जनसंवाद के बाद अब अगला पड़ाव पंधाना थाना था। जहां लोग सुबह से बिना खाकी वर्दी वाले उस सख्श से मिलने को आतुर थे जिन्हें तीन दिन पूर्व ही प्रदेश के मुखिया ने स्टेट ऑफ द स्टेट कॉन्क्लेव में शहर में अमन चैन कायम करने के खिताब से नवाजा था। कप्तान ने लोगों से जनसंवाद के साथ-साथ जीवन जीने का फलसफा भी बताया। दरअसल इन दिनों देश में जब चारों ओर से साम्प्रदायिक हिंसा की खबरें आ रही हैं, वहीं पंधाना में शांतिपूर्ण ढंग से त्यौहार सम्पन्न करने के लिए पुलिस कप्तान यहां के जनमानस का धन्यवाद ज्ञापित करने से नही चूके। कप्तान के जाने के बाद जब ग्रामीणों से चर्चा की गई तब ग्रामीणों ने कहा कि जनमानस में चेतना जागृत करने यह जगपुरुष साइकिल से यात्रा कर जनमानस को प्रेरित कर रहे हैं।
मैं मन ही मन मुस्कुरा रहा था कि गहरी नदी की तरह शांत स्वभाव वाले इस कप्तान के भीतर न जाने कितनी तरंगे विक्षोभ कर रही हैं।
