जफर खान/ओवैस सिद्दीकी, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT;
स्थानिय शिवाजी चौक के करीब 350 साल पुरानी पीर करोडी की दरगाह एवं गैबी शाह बाबा दरगाह की कबरें कल रात विधिवत धार्मिक पद्धत से स्थानांतरित करने के बाद विगत 8 मार्च को रात 2 बजे पीर करोडी दरगाह गैबी शह दरगाके वारिस मुश्ताक अली सैय्यद अली व मोहम्मद अली सैय्यद जाफर व उनके रिश्तेदारों ने स्वयं दोनों दरगाहों का बांधकाम जेसीबी की सहायता से निकाल कर शहर के बाहर मलबा डाला।
अकोट जैसे संवेदनशील शहर में हिंदू, मुस्लिम एवं बौद्ध भाईयों ने समझदारी दिखाई जिसे पुलिस निरीक्षक गजानन शेळके ने सराहा। इस कार्य से अकोट शहर को लगे हुए संवेदनशीलता के दाग को पोछने की कोशिश की गई है। पुलिस निरीक्षक ने कहा कि जरूरत पडे तो ऐसे ही धार्मिक भावना मर्यादित रख कर शहर की शांतता बनाए रखेंगे तो संवेदनशीलता का दाग मिट जायेगा।पुलीस निरीक्षक गजानन शेळके ने सराहना करतेहिंदू, मुस्लिम, बौद्ध सभी भाईयों का आभार व्यक्त किया है।
इस करवाई मे केवल 3 अधिकारी एवं 10 कर्मचारी ही सहभागी थे, जिसकी वजह से पुलिस एवं जनता के दरम्यान विश्वास और बढ गया है। कार्यवाही में पुलिस अधीक्षक कला सागर , अप्पर पुलिस अधीक्षक विजयकांत सागर, उप विभागीय पोलीस अधिकारी छगन इंगळे, के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक गजानन शेळके, सहाय्यक पुलिस निरीक्षक ज्ञानोबा फड, पुलिस उप निरीक्षक शरद माळीवएवं कर्मचारी आदी ने उपस्थित रह कर कोई भी अनुचित घटना नहीं होने दी।
