सद्दाम हुसैन, लखनऊ, NIT;

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अगले चार वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति का लक्ष्य तय कर दिया है जिस पर 14,800 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। मुख्य सचिव राजीव कुमार ने वित्त विभाग को इसके लिए बजट की व्यवस्था का रास्ता निकालने का निर्देश दिया है।

ग्राम विकास विभाग ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति की कार्ययोजना बनाकर मुख्य सचिव से इसकी बजट व्यवस्था कराने का आग्रह किया था, जिसके बाद मुख्य सचिव ने ग्राम विकास विभाग के साथ-साथ वित्त, औद्योगिक विकास, वाह्य सहायतित परियोजना, पंचायतीराज विभाग के अफसरों की बैठक बुलाकर इस संबंध में विस्तार से चर्चा की।
बैठक में शामिल एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि मुख्य सचिव ने वित्त विभाग के अधिकारियों को पेयजल कार्यों के लिए चार वर्षों में 14,800 करोड़ रुपये की व्यवस्था का रास्ता तलाशने का निर्देश दिया है। उन्होंने इसके लिए कई सुझाव भी दिए हैं। वित्त विभाग इन सुझावों का अध्ययन कर प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास को बताएगा। ग्राम्य विकास विभाग उसके हिसाब से आगे की कार्यवाही करेगा। इसका फायदा सबसे पहले बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के अलावा पेयजल की गुणवत्ता प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा।
