फ़िरोज़ खान
कोटा ( राजस्थान ), NIT; सरकार का नोटबंदी का फैसला जिस उदेश्य को बताकर किया गया है वह देश के करोडों लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। सरकार इसको सर्जिकल आपॅरेशन कह रही है, जबकि यह आॅपरेशन झोलाछाप डाक्टर ने किया है जिसके चलते आज देश के हालात बिगडते चले जा रहे हैं। यह आरोप पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने कांग्रेस द्वारा कलेक्ट्रेट पर किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान अपने संबोधन में सरकाररपर आरोप लगाते हुए कहा। उन्होंने कहा कि हजारों कारखानो में नोटबंदी से उत्पादन ठप हो गया है, मजूदर पलायन करने पर मजबूर हो गए हैं। मध्यम और गरीब तबका बैकों की लाइनों मेंगलग कर निराश लौट रहा है। पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकार ने कालाधन पर कार्रवाई का तरीका ही गलत अपनाया गया है। काला धन वालों से अभियान चलाकर कालाधन जब्त किया जा सकता था लेकिन सरकार ने जनविरोधी फैसला लेकर देश की 96 प्रतिशत जनता को परेशानी में डाल दिया है और जिस मात्रा में बैंकों में नया रूपया आ रहा है, उससे लगता है कि यह परेशानी सालभर तक रहेगी। पूर्व मंत्री धारीवाल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की जो सक्षम लोग हैं वह गरीब जनता की मदद करें, ताकि उनको कुछ राहत मिल सके। कांग्रेस कार्यकर्ता ग्रमीण और देहात इलाकों से बडी तादाद में सर्किट हाउस के बाहर एकत्र हुए और रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे जिनको पीसीसी उपाध्यक्ष एंव कोटा प्रभारी कर्णं सिंह यादव, सहप्रभारी बालकृष्ण खीची , पूर्व मंत्री भरतसिंह ने अपने सबोधन में सरकार के इस फैसले को जनविरोधी बताते हुए फैसले को गैरजिम्मैदार बताया। इस मौके पर पूर्व सासंद इज्यराज सिंह , शहर एंव देहात अध्यक्ष गोविन्द शर्मा , सरोज मीणा , पूर्व न्यास चेयरमेंन रविन्द्र त्यागी ,पीसीसी महासचिव शिवकांत नंदवाना , पूर्व पीसीसी सचिव डाॅ जफर मोहम्मद , पीसीसी सदस्य राजेन्द्र साखंला सहित कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे वही कांग्रेस प्रतिनिधी मंडल ने नोटबंदी के चलते आमजन को हो रही परेशानियां के निदान करवाने के लिए 11 सुत्रीय मांगों के साथ जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी दिया।
