महाराष्ट्र के कॉन्ट्रैक्टर्स की मीटिंग : राहुल गांधी ने कहा बीजेपी ने ख़त्म कर दिया छोटा विकासक | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

New India Times

देवेन्द्र फड़नवीस सरकार ने देश के सबसे धनी राज्य महाराष्ट्र के हाथ में कटोरा थमा दिया है। राज्य में भीषण सुखा पड़ने के बाद बीजेपी सरकार द्वारा कि गई आर्थिक लूट की कलई खुलने लगी है। पांच साल से एक लाख करोड़ रुपए की लेनदारी के लिए मंत्रालय के चक्कर काट कर थक चुके छोटे ठेकेदारों ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की है। डेलीगेशन ने राहुल को बताया कि एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के बाद अब तक PWD से हमें एक लाख करोड़ रुपया लेना है जो नहीं मिला।

महाराष्ट्र के कॉन्ट्रैक्टर्स की मीटिंग : राहुल गांधी ने कहा बीजेपी ने ख़त्म कर दिया छोटा विकासक | New India Times

केंद्र सरकार के ऊपर हमारा 40 हजार करोड़ रुपया बकाया है। MSME को 0.30 पैसा कमीशन से बैंक पैसा दे रही है लेकिन सरकार नहीं। सरकार ने छोटे कॉन्ट्रैक्टर्स के रजिस्ट्रेशन बंद कर दिए हैं। गुजरात के बड़े बड़े ठेकेदारों को बैंकों के हवाले से हजारों करोड़ के टेंडर दिए जा रहे हैं और सरकार दिवालिया हो चुकी है। राहुल बोले कि जिस प्रकार से बीजेपी ने छोटे व्यापारियों को तबाह कर दिया ठीक वैसे छोटे ठेकेदार ख़त्म कर दिए हैं। राहुल ने आश्वस्त किया कि वे कॉन्ट्रैक्टर्स की आवाज़ सदन में रखेंगे। खबर में प्रकाशित वीडियो में आप जनता बैठक के संवाद को सुन सकते हैं।

महाराष्ट्र के कॉन्ट्रैक्टर्स की मीटिंग : राहुल गांधी ने कहा बीजेपी ने ख़त्म कर दिया छोटा विकासक | New India Times

ज्ञात हो कि बीजेपी की ओर से पार्टीयों को तोड़कर सांसद विधायक समेत अंधभक्तो के खरीद फ़रोख़्त की कथित राजनीति ने महाराष्ट्र को आर्थिक रूप से तबाह कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पांच साल में 12 कॉन्ट्रैक्टर्स ने आत्महत्या की है। महाराष्ट्र की देवेन्द्र सरकार कर्नाटक की पूर्ववर्ती बोम्मई सरकार के 40% कमीशन के मॉडल पर काम कर रही है। नासिक सिंहस्थ अर्ध कुंभ के 35 हजार करोड़ रुपए के बजट को जनता अब लूट की नज़र से देख रही है। 250 लाख करोड़ रुपए कर्ज़ के साथ भारत सरकार का राजकोषीय घाटा 08 लाख करोड़ रुपए हो गया है। 10 लाख करोड़ रुपए के कर्ज़ के साथ महाराष्ट्र भारत का दूसरा सबसे बड़ा कर्जदार राज्य बनकर उभरा है।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.